बिश्नाह। क्षेत्र के गांव जिंदड़ खुर्द और महमूदपुर के ग्रामीणों ने बिजली बिलों में इजाफा होने पर बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव किया है। इस दौरान ग्रामीणों और बिजली अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग मनमानी कर रहा है। लोगों के बिजली के बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं। जिन लोगों ने दिसंबर माह तक के बिल चुकता कर दिए हैं। उनके बिल भी 5000 से 6000 रुपए के बीच आ रहे हैं। इसको लेकर लोग बिजली विभाग के कार्यालय में पहुंचे हैं।
उन्होंने बताया कि बिजली बिल अधिक आने के कारणों के बारे में अधिकारी नहीं बता पा रहे हैं। पूछने पर लोगों से बदतमीजी कर रहे हैं। इस मौके पर ग्रामीणों ने बताया कि पुराना बकाया किस्त के तौर पर जमा करवाने के बावजूद भी बिजली विभाग बार-बार घरों की बिजली काट रहा है। इससे लोगों को निरंतर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का तानाशाह रवैया लोगों को उग्र आंदोलन की ओर अग्रसर कर रहा है। इस मौके पर गांव महमूदपुर के पूर्व पंच नरेश कुमार ने बताया कि लोगों के बिजली बिल जरूरत से ज्यादा आ रहे हैं। जिसको लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के समक्ष ग्रामीणों ने अपनी बात रखी है। परंतु बिजली विभाग के अधिकारी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक बिजली विभाग लोगों के बिल दुरुस्त नहीं करता, तब तक बिजली बिल चुकता नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग स्मार्ट मीटर तो लगा रहा है। परंतु बिजली की पुरानी तारें और पुराने ट्रांसफॉर्मर के साथ ही काम चला रहा है। इसके चलते लोगों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट पीटर लगाने से पहले बिजली ढांचा दुरुस्त होना चाहिए।
इस मुद्दे पर बिश्नाह बिजली विभाग के एईई भानु प्रताप सिंह ने कहा कि बिजली बिल अधिक आने का मुख्य कारण स्मार्ट मीटर बायपास करना है। जिसके चलते लोगों को जुर्माना किया जा रहा है। जिससे बिजली बिल अधिक आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुराने बकाया बिल और मासिक स्तर पर बिजली बिल जमा करवाएं, ताकि लोगों के कनेक्शन न काटने पड़े।