रामगढ़। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के चलते सात मई से बंद सभी सरकारी और निजी स्कूलों को खोलने के आदेश दे दिए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे गांवों में बने कई स्कूलों में सेना के जवानों ने कब्जा किया हुआ था, जिन्हें खाली कर दिया गया है। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
स्कूल छात्र कबनीत सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी गोलीबारी के चलते घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा था। तीन दिन पहले ही घर लौटे हैं। अब स्कूल खुलने से पढ़ाई कर पाएंगे। स्थानीय निवासी अंकू चौधरी ने कहा कि अभी कुछ दिन तक डर लगा रहेगा कि पाकिस्तान कहीं गोलीबारी न शुरू कर दे।
रजनी चौधरी ने कहा कि सरकार को चाहिए सभी स्कूलों में बंकर बनाए जाएं, ताकि स्कूल के समय कहीं गोलीबारी शुरू हो जाए तो बच्चों को तुरंत उनमें पहुंचाया जा सके।
पंचायत अबताल के पूर्व सरपंच तेजेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे जितने गांव हैं, उन सभी स्कूलों में सरकारी बंकर बनाए जाएं कभी भी गोलीबारी शुरू हो जाए तो कम से कम हमारे गांव के बच्चों को गोलीबारी से बचने के लिए सुरक्षित जगह मिल सके।
छात्र अनु बाला, मोनिका चौधरी, नितीश कुमार ने कहा कि हमें बहुत खुशी हुई कि आज हमारे स्कूल खुले हैं। हम चाहते हैं कि ऐसे हालात न बनें जिससे हमारी पढ़ाई खराब हो। दोनों देशों में आपसी भाईचारा बहुत जरूरी है।