संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। सफाई कर्मचारी यूनियन ज्यौडि़यां और खौड़ के सफाई कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल कई दिनों से जारी है। इसके चलते ज्यौडि़यां और खौड़ बाजार में सफाई नहीं होने से गंदगी के ढेर लग गए हैं।
मुख्य बाजारों और गली मोहल्लों में गंदगी का आलम दिन प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। सरकार और विभाग की तरफ से सफाई कर्मचारियों के मसलों को सुलझाने को लेकर को पहल नहीं की जा रही है। अस्थायी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण कस्बे में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। ज्यौड़ियां व्यापार मंडल के सदस्यों का कहना है कि बाजार में गंदगी बढ़ रही है।
सरकार को चाहिए की जल्दी ही सफाई कर्मचारियों से बातचीत करके इनकी हड़ताल खत्म करवानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र में कई प्रकार की बीमारियों का फैलना निश्चित है। इस बिषय में क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सत्य तो यह है करोड़ों रुपये स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार और प्रसार पर खर्च करने के बाबजूद स्वच्छता के प्रति न तो जनता जागृत हुई और न ही हाथ में झाड़ू पकड़कर मात्र फोटो खिंचवा कर स्वच्छ भारत अभियान चलाने वाले नेता जागरूक हो पाए।
सफाई कर्मचारी यूनियन खौड़ के प्रधान विजय ने बताया कि पिछले 15 से 16 सालों से हम सफाई कर्मी पूरी ईमानदारी से अपनी सेवा दे रहे हैं लेकिन सरकार की तरफ से हमें स्थायी करने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है।
हमें सिर्फ आश्वासन मिलते हैं और सरकार की तरफ से बेवकूफ बनाया जाता है। खौड़ म्युनिसिपल कमेटी के प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने बताया कि हमें मात्र 9 हजार रुपये मिलता है।