लोगों को समय पर नहीं मिल पा रहा बुनियादी इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। छंब विधानसभा क्षेत्र के खड़ाह बली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की हालत दयनीय बन चुकी है। अस्पताल में न तो कोई नियमित डॉक्टर और न ही पैरा मेडिकल स्टाफ मौजूद है। स्वास्थ्य सेवाओं के इस अभाव के कारण ग्रामीण भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस लचर व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता के कारण खड़ाह बली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को समय पर बुनियादी इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।
बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य केंद्र एक रिटायर्ड एनआरएचएम कर्मचारी के सहारे चल रहा है। वह 65 साल नौकरी करने के बावजूद रिटायर्ड हो गया है और अब केंद्र में तैनात पैरा मेडिकल स्टाफ के लोग उसे अपने वेतन से पैसे देते हैं। केंद्र के हाजिरी रजिस्टर के मुताबिक चार डाॅक्टरों को मिलाकर कुल 12 लोगों की हाजिरी लग रही है। मगर मौके पर कोई भी नहीं, हाजिरी कौन लगा रहा यह भी कोई पता नहीं।
बता दें कि खड़ाह बली तहसील एक पहाड़ी क्षेत्र है जिसकी चार पंचायतों के लोग इस केंद्र पर निर्भर है जिनको घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार की तरफ से इस केंद्र का निर्माण किया था।
लोगों ने बताया कि वह लोग अब थक हार गए हैं। अधिकारियों और नुमाइंदों को बोल बोल कर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक नदारद रहते हैं। इसके चलते मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है। पैरा मेडिकल स्टाफ (नर्स, वार्ड बॉय आदि) की स्थायी उपस्थिति न होने से आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। केंद्र में सरकारी दवाईयों का ढेर लगा हुआ है लेकिन मरीजों को देने वाला कोई नहीं है। गंभीर मरीजों को मजबूरन अखनूर या फिर जम्मू जाना पड़ता है या फिर झोलाछाप डॉक्टरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों ने एसडीएम खौड़ सतीश कुमार शर्मा, स्थानीय विधायक व मंत्री सतीश कुमार शर्मा तथा बीएमओ खौड़ से गुहार लगाई है।
उन्होंने बताया कि हम गरीब लोगों की सुध ली जाए। क्षेत्र के निवासियों के अनुसार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही खड़ाह बली पीएचसी में डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।