ज्यौडि़यां। खौड़ के गांव चक्क मलाल के हनुमान मंदिर में 12 जून से जारी भागवत कथा का वीरवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन कलश यात्रा निकाली गई जो कथा स्थल हनुमान मंदिर चक्क मलाल से न्यू प्रताप नहर तक गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में भक्तजनों ने भाग लिया। कथा के अंतिम दिन प्रवचन देते हुए आचार्य सूरज शास्त्री महाराज ने कहा कि जो प्रभु का सिमरन रोज करता है उसके घर मे खुशहाली रहती है। इसलिए हम सब को रोज प्रभु का सिमरन करना चहिये।
कथा के अंतिम दिन भारी संख्या में स्थानीय एवं दूरदराज के श्रद्धालुओं ने भाग लेकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। आचार्य सूरज शास्त्री ने अपने प्रवचनों से लोगों को निहाल करते हुए कहा कि मानव के लिए मन की शांति हासिल करने का एकमात्र साधन प्रभु सिमरन ही है। अंत में विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया।