अखनूर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति जांची
अखनूर। जम्मू-कश्मीर सरकार के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने शनिवार सुबह अखनूर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों व अधिकारियों की उपस्थिति
जांची। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गैरहाजिरी और लापरवाही सामने आने पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री सुबह करीब 11:15 बजे सबसे पहले एसडीएम कार्यालय अखनूर पहुंचे, जहां उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। निरीक्षण के दौरान इलेक्शन सेल में कार्यरत एक महिला कर्मचारी गैरहाजिर पाई गईं। इस पर उपमुख्यमंत्री ने एसडीएम को तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित तहसीलदार कार्यालय और तहसील सप्लाई अधिकारी के कार्यालय का भी निरीक्षण किया और कर्मचारियों की उपस्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण के क्रम में उपमुख्यमंत्री लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन कार्यालय तथा सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) कार्यालय पहुंचे। यहां एक्सईएन संजीव शर्मा कोर्ट में पेशी के कारण अनुपस्थित थे।
इस दौरान एक एमटीएस कर्मचारी सहायक कार्यकारी अभियंता की छुट्टी की आवेदन प्रति लेकर उपमुख्यमंत्री के सामने पहुंचा। जब उपमुख्यमंत्री ने आवेदन का मूल पत्र पूछा तो कर्मचारी ने बताया कि आवेदन व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा गया है। इस पर उपमुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि क्या कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस तरह अपने उच्चाधिकारी की छुट्टी प्रस्तुत कर सकता है।
उन्होंने मौके पर ही संबंधित एमटीएस कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए तथा सहायक कार्यकारी अभियंता की भूमिका की जांच कराने को कहा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि उच्च अधिकारियों को भी इस मामले में कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
लोक निर्माण विभाग में ही दो अन्य कर्मचारी भी गैरहाजिर पाए गए, जिनके खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए। निरीक्षण के बाद उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और यह जरूरी है कि लोगों को सरकार का काम जमीनी स्तर पर नजर आए। उन्होंने कहा कि बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों में उचित कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ब्लैकटॉपिंग और निर्माण कार्यों की खराब गुणवत्ता के कई मामले उनके संज्ञान में आए हैं तथा विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।