अखनूर। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम एवं हमारी रियासत, हमारा हक अभियान के तहत अखनूर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न ब्लॉकों और पंचायतों में कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित की गई। ये कार्यक्रम जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण जम्मू) नीरज कुंदन के निर्देश पर अशोक भगत के नेतृत्व में संपन्न हुए।
इसमें मनरेगा मजदूरों, सीमांत किसानों, भूमिहीन श्रमिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने ग्रामीण क्षेत्रों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर चिंता जताई। वक्ताओं ने बेरोजगारी, दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों और पेयजल, बिजली, सड़कों, गलियों और नालियों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ से अखनूर क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हुए थे लेकिन धन की कमी के कारण अब तक पुनर्स्थापन कार्य पूरे नहीं हो सके हैं जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।
सभा के दौरान मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने का मुद्दा भी जोरशोर से उठा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवनरेखा है जिसे वर्ष 2005-06 में यूपीए सरकार ने रोजगार के कानूनी अधिकार के रूप में शुरू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार योजना को बजटीय आवंटन तक सीमित कर रही है, जिससे श्रमिक वर्ग प्रभावित हो रहा है।
कृषि मौसम के दौरान मनरेगा के तहत रोजगार सीमित करने के फैसले पर भी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि इससे भूमिहीन श्रमिकों, बेरोजगार युवाओं और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर होगी। अशोक भगत ने कहा कि 2014 के बाद मनरेगा को कमजोर किया गया है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल न किए जाने पर भी केंद्र सरकार की आलोचना की और इसे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीबों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा तथा जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए आंदोलन को और तेज करेगी। इस अवसर पर लाला बंसी लाल गुप्ता, गोविंद राम शर्मा, गणेश दत्त शर्मा, कैप्टन राम दास और दर्शन लाल भगत सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे।