अखनूर। अखनूर कस्बे में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से कस्बे की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में गंदगी के ढेर लग चुके हैं। जगह-जगह बदबू और कचरे से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ठप है और लोग बीमारियों के खतरे से चिंतित हैं।
नगर पालिका के स्थायी और अस्थायी दोनों वर्गों के कर्मचारी कामकाज से पूरी तरह अलग हो गए हैं। सफाई कर्मचारियों के अध्यक्ष विक्टर और उपाध्यक्ष डेविड ने कहा कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें न तो नियमित किया गया है और न ही उचित वेतनमान दिया जा रहा। कई कर्मचारी तो 20-20 वर्षों से कार्यरत हैं, फिर भी ठेके पर ही काम कर रहे हैं।
हड़ताल के चलते जब नगर पालिका प्रशासन ने विधायक मोहन लाल की पहल पर निजी सफाई कर्मियों को लगाकर कस्बे में सफाई शुरू करवाने का प्रयास किया, तो हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने उन्हें भी काम करने से रोकने की कोशिश की। इस पर विधायक मोहन लाल ने सफाई कर्मियों से अपील की कि वे निजी कर्मियों को काम करने से न रोकें। उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी जायज़ मांगों को वह सरकार तक उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे।
इसी बीच अखनूर नगर पालिका को लंबे समय बाद स्थायी कार्यकारी अधिकारी भी मिल गया है। मोहम्मद याकूब ने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने बताया कि, कस्बे की सफाई किसी भी स्थिति में रुकी नहीं रहनी चाहिए। आज शाम से ही निजी सफाई कर्मियों की मदद से सफाई कार्य शुरू करवाया जाएगा। जब तक हड़ताल खत्म नहीं होती, वैकल्पिक प्रबंधों से नगर की सफाई सुनिश्चित की जाएगी।