संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। मुसिंफ एवं न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (ड्यूटी मजिस्ट्रेट) मजालता की अदालत ने आवेदक की निरंतर अनुपस्थिति को मद्देनजर रखते हुए आत्मसमर्पण जमानत संबंधी याचिका को रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार तहसील चिनैनी के ग्राम सुद्धमहादेव के निवासी रतन लाल पुत्र ठाकर दास की ओर से आत्मसमर्पण जमानत के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान 18 जून को न तो आवेदक और न ही उसका कोई वकील अदालत में उपस्थित हुआ।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आवेदक पिछली सात सुनवाइयों से भी अदालत में पेश नहीं हुआ है। बार-बार पुकारे जाने के बावजूद उसकी ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। इससे साफ है कि आवेदक अब इस मामले को आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखता। इसी आधार पर अदालत ने अर्जी को गैरहाजिरी के कारण खारिज कर दिया और मामले की फाइल को रिकॉर्ड में भेजने के निर्देश दिए।