पुंछ। नियंत्रण रेखा से सटे पुंछ में भी अब जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल एवं बाल गोपाल का विशेष शृंगार करने का चलन बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पुंछ के बाजारों में कई दुकानों पर तो केवल लड्डू गोपाल एवं बाल गोपाल को सजाने संवारने और उनका शृंगार करने की ही वस्तुओं की ही बिक्री की जा रही है।
वहीं पुंछ जिले में सनातनियों का शायद ही कोई ऐसा घर होगा जिसमें लड्डू गोपाल विराजमान न हों। हर घर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप में विराजमान होने के कारण हर कोई उनको सजाने के लिए घर की महिलाएं नई नई वस्तुओं को खरीदने बाज़ार में पहुंच रही है। बाजार में उपलब्ध रंग बिरंगे वस्त्र, मुकुट, पगड़ी, कुंडल, माला, मोर पंख, मुरली की खरीदारी कर रही हैं। लोगों की मांग को देखते हुए दुकानदारों द्वारा सभी वस्तुएं मेड इन इंडिया मंगाई गई हैं। इसे लेकर दुकानदार कर्ण केसर, नीरज कपूर, अमित कुमार आदि का कहना है कि हर बार भगवान के शृंगार के लिए नए नए डिजाइन की वस्तुएं आ रही हैं। हम भी भारत में बनी वस्तुएं ही मंगवा रहे हैं क्योंकि आज ग्राहक स्वदेशी निर्मित सामान की मांग करता है। उधर बाजारों में खरीदारी करने वाली महिलाओं दीक्षा, सोनम, रजनी, सविता आदि का का भी कहना है कि पिछले तीन चार वर्षों में जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के बाल रूप लड्डू गोपाल की वस्तुएं बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं। पहले हम अपने हाथों से वस्त्र और मुकुट बनाती थीं लेकिन आज बाजार में भगवान के शृंगार की वस्तुओं की भरमार है और सबसे बड़ी बात हर वस्तु मेड इन इंडिया मिल रही है। वहीं बाजार में नजर रखने वालों का कहना है कि पुंछ में जहां पहले केवल दिवाली एवं रक्षाबंधन ही कारोबार का माध्यम होता था, आज जन्माष्टमी उनसे भी बड़ा कारोबार का माध्यम बन गया है।