रामबन। जिले के सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी से शिक्षा का संकट खड़ा हो गया है। शिक्षकों की भारी कमी को लेकर पंचायती नुमाइंदे, अभिभावक और छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं। जिला उपायुक्त रामबन मसरत इस्लाम ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इस मामले को संबंधित विभाग के समक्ष उठाएं, अन्यथा जिले में कायदा कानून की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला उपायुक्त ने मंडलायुक्त को लिखे पत्र में शिक्षा से जुड़े जमीनी हालात बयान किए हैं। जिला उपायुक्त ने मुख्य शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट का हवाला देकर कहा है कि हालात शिक्षा के संकट जैसे हैं, जिसे जल्द दूर न करने पर लगातार प्रदर्शन कर रहे लोगाें का रोष और बढ़ सकता है। विद्यार्थियों और शिक्षकों का अनुपात चिंताजनक स्थिति में है, जिसे जल्द सुधारा न गया तो लोगाें के आक्रोश से कायदा कानून की समस्या सामने आ सकती है।
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लेक्चरर के 269 पद, 168 खाली
शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार रामबन जिले में जमा दो लेक्चरर के 269 पद मंजूर हैं, जिनमें से 168 खाली हैं। 15 लेक्चरर के तबादला आदेश जारी हो गए हैं। कई हायर सेकेंडरी स्कूलों में ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी लेक्चरर नहीं है। इसी तरह से मास्टर ग्रेड शिक्षकों के 437 में से 256 पद खाली हैं, जबकि 59 हेडमास्टर में से 43 पद रिक्त पड़े हैं।