bsf detects a tunnel along International Border in Hiranagar sector of Kathua jammu kashmir
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर संघर्षविराम के बाद से शांति है लेकिन सीमा पार से घुसपैठ की साजिशें रची जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग खोदकर घुसपैठ की आशंका वाले इलाकों में अब रडार और अत्याधुनिक थर्मल इमेजर लगाने की तैयारी है।
रक्षा सूत्रों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी को काटकर घुसपैठ बेहद मुश्किल है। इसी वजह से पाकिस्तान सुरंगों से घुसपैठ की कोशिशें करता रहा है। सुरंग से घुसपैठ की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर रडार और थर्मल इमेजर लगाने की योजना है। इसकी शुरुआत अखनूर और आरएस पुरा से की जाएगी, जिसके बाद सांबा सेक्टर व सटे इलाके में भी अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा।
सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तारबंदी का घेरा घुसपैठ के मंसूबों को नाकाम कर रहा है। तारबंदी पर जवानों को हाई अलर्ट पर रखा जाता है। इसी के चलते पाकिस्तानी सेना ने इंजीनियरों की मदद लेकर सुरंगें बनवाईं। सांबा सेक्टर में ही चार सुरंगों का पर्दाफाश हो चुका है। संघर्ष विराम के दौरान भी सीमा पार घुसपैठ की साजिशें चल रही हैं। इसके इनपुट मिल रहे हैं। वर्तमान में सीमा पर कई तरह के निगरानी उपकरण लगाए गए हैं। अब खास तौर पर सुरंगों से घुसपैठ की आशंका वाले इलाकों को रडार और थर्मल इमेजर के लिए चिह्नित किया गया है।
रडार से ड्रोन, थर्मल इमेजर से घुसपैठ पर रहेगी नजर
पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। ड्रोन से हथियारों को इस पार पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराया जाता है। स्लीपर सेल उन हथियारों को उठाकर बताई गई जगह तक पहुंचाता है। इसी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां दो तरफा रणनीति पर काम कर रही हैं। रडार से ड्रोन की मूवमेंट को पकड़ा जाएगा। थर्मल इमेजर सीमा पर इंसानी हरकत को पकड़ेंगे। हथियार तस्करी और आतंकी घुसपैठ के लिए इस्तेमाल रूटों पर भी खास नजर रखी जा रही है।