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जम्मू-कश्मीर : एलओसी पर अब 60 फुट ऊंचे तिरंगे के साथ कॉफी का भी उठाएं लुत्फ

Wed, 19 May 2021 05:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमृतपाल सिंह बाली/साकिब नबी, उड़ी

सार

  • कैफेटेरिया के जीर्णोंद्धार के साथ-साथ सेना ने स्थापित किया 60 फीट ऊंचा तिरंगा
  • यह संभव हो पाया है दोनों देशों के बीच फरवरी माह में हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद
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आखिरी कमान पोस्ट पर कैफेटेरिया... - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर (एलओसी) पर आपने एक कप कॉफी का लुत्फ उठाने के बारे में सोचा नहीं होगा, लेकिन भारतीय सेना ने इसे हकीकत में बदल दिया है। अब आप यहां की आखिरी कमान पोस्ट पर कैफेटेरिया में बैठकर कॉफी का लुत्फ सपरिवार उठा सकते हैं। यह संभव हो पाया है दोनों देशों के बीच फरवरी माह में हुए संघर्ष विराम समझौते के बाद। सेना ने यहां पर एक 60 फुट ऊंचा तिरंगा झंडा भी स्थापित किया है, जो आपके भीतर जोश और गर्व का भी अनुभव कराता है। 

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 सैन्य अधिकारी मेजर विशाल देव ने बताया कि इस कैफेटेरिया का जीर्णोंद्धार भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर की अवाम के लिए किया गया है जो गर्व से कमान अमन सेतु को देखने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि लोग कमान अमन सेतु के साथ सेल्फी खींचने के बाद इस कैफेटेरिया में आकर आराम कर सकते हैं यहां पर वह कुछ भी खा-पी सकते हैं। लोग यहां से कुछ ऐसी चीजें भी यादगार के तौर पर ले सकते हैं जो सिर्फ यहीं पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 60 फीट ऊंचा तिरंगा यहां की स्थिरता को अच्छे से दर्शाता है। मेजर ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि जो कोई भी यहां आएगा वो यहां से अनोखी और प्रेरक यादें साथ लेकर जाएंगे।    
    
सीजफायर से पहले होती थी हर दिन गोलाबारी
एलओसी के करीब रहने वाले लोगों का कहना है कि जब से सीजफायर हुआ है तब से वह राहत की जिंदगी बिता रहे हैं। इससे पहले आये दिन एलओसी के करीब पाकिस्तान द्वारा गोलीबारी की जाती थी और उन्हें हर बार सुरक्षित स्थानों की ओर अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ता था। 
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लोगों से जुड़ाव की कोशिश
स्थानीय काजी अहमद ने बताया कि जब इस मुल्क के दो हिस्से हुए तब कुछ लोग पाकिस्तान में रह गए कुछ भारत में। इससे रिश्तेदारों के बीच एक दूरी पैदा हो गई। अब यह कॉफी हाउस दुबारा शुरू हुआ है, सेना चाहती है कि लोग यहां आएं और उनके दिल में फौज के प्रति कोई गलतफहमी न रहे। यह लोगों के साथ जुड़ाव की कोशिश है। 

श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस 2019 से है बंद
 दोनों ओर के रिश्तों को लाने-ले जाने वाली श्रीनगर-मुजफ्फराबाद बस सेवा अप्रैल 2015 में एक विश्वास बढ़ाने की एक कोशिश के तहत शुरू की गई थी, फिलहाल यह सेवा मार्च 2019 से स्थगित है।

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