जम्मू। प्रदेश में सौ से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र बिना पंजीकरण यानी अवैध रूप से चल रहे हैं। जम्मू और कश्मीर संभाग में सिर्फ एक-एक नशा मुक्ति केंद्र ही पंजीकृत है। हैरत यह है कि एक केंद्र में अधिकतम 25 पीड़ितों को ही रखने की अनुमति है। इसके बावजूद इन केंद्रों में 40 से 50 मरीजों का इलाज चल रहा है। दूसरी ओर सामाजिक कल्याण विभाग के पास इन अवैध नशा मुक्ति केंद्रों के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अब विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में सभी नशा मुक्ति केंद्र विभिन्न नशामुक्ति केंद्र ही संचालित कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन न होने के कारण इन केंद्रों की जवाबदेही तय नहीं हो पा रही। इन केंद्रों में क्या-क्या व्यवस्थाएं हैं, नशा पीड़ितों की देखभाल कैसे की जा रही है, इसकी निगरानी नहीं की जा रही है।
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लद्दाख में भी बिना
पंजीकरण के आठ केंद्र
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख मेें एक भी नशा मुक्ति केंद्र पंजीकृत नहीं है। यहां पर भी आठ केंद्र चल रहे हैं।
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केयर सेंटर-ओपीडी भी पंजीकृत नहीं
जम्मू जिले में एक नशा निवारण केयर सेंटर की ओपीडी भी बिना पंजीकरण के चल रही है। हालांकि इसकी फाइल कार्यवाही के लिए कार्यालय में आई है, लेकिन स्वीकृति मिलना अभी बाकी है।
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कोट
जम्मू संभाग में एक ही नशा मुक्ति केंद्र पंजीकृत है। गैर पंजीकृत चल रहे केंद्रों के बारे में शिकायतें मिली हैं। इनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। नशा मुक्ति केंद्र चलाने के लिए विभाग से पंजीकरण अनिवार्य है।
- स्मिता सेठी, निदेशक, सामाजिक कल्याण विभाग