जी20 शिखर सम्मेलन की बैठकों के लिए जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा-जांच एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इन बैठकों की सुरक्षा के लिए मार्कोस (समुद्री कमांडो) और एनएसजी कमांडो को विशेष रूप से तैनात किया जाएगा। मंगलवार को एडीजीपी कश्मीर विजय कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम श्रीनगर में पुलिस, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
इसमें जी-20 शिखर सम्मेलन के सुचारू संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन किया गया। सम्मेलन से पहले संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ सुरक्षा पुख्ता करने निर्देश दिए गए। साथ ही यह ध्यान रखने के लिए कहा कि इससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को कोई असुविधा न हो। अधिकारियों ने शिखर सम्मेलन के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण और आतंकी खतरों से निपटने के उपायों पर भी चर्चा की।
एडीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी को आतंकी मददगारों की धरपकड़ तेज करने के लिए कहा। साथ ही घाटी में आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। विशिष्ट इनपुट पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए कहा।
बैठक में सुरक्षा उपायों के अलावा शिखर सम्मेलन के दौरान विदेशी गैर सरकारी संगठनों और मीडिया कर्मियों के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। जीओसी किलो फोर्स ने विशेष रूप से रात में ऊपरी इलाकों की एरिया डोमिनेशन, कॉरिडोर सुरक्षा, अतिरिक्त एएस टीम, एरिया डोमिनेशन जैसी सभी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया।
एडीजीपी कश्मीर ने सभी हितधारकों के साथ मंत्रणा की कि काउंटर ड्रोन के लिए विशेषज्ञ एनएसजी टीमों को सभी स्थानों पर तैनात किया जाएगा। अधिकारियों को किसी भी संभावित सुरक्षा खतरों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और उन्हें बेअसर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करने का भी निर्देश दिया गया।