उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग अफवाहें फैला कर प्रदेश की शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। सामाजिक स्तर पर विवाद बढ़ाए जा रहे हैं। इसमें राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एजेंसियां काम कर रही हैं। ऐसे साइबर क्राइम को रोकने की जिम्मेदारी प्रशिक्षण पूरा करने वाले अफसरों की है। एलजी शुक्रवार को शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रोबेशनर डीएसपी और सब इंस्पेक्टर की पासिंग आउट परेड को संबोधित कर रहे थे।
समारोह में 586 पुलिस अधिकारियों ने देश व प्रदेश की रक्षा की शपथ लेकर उपराज्यपाल को सलामी दी। उपराज्यपाल ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए हालात खराब किए जा रहे हैं। युद्ध के तरीके बदल रहे हैं, इसी तरह से अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिशें हो रही हैं। आभासी दुनिया में अफवाहें कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती और संकट हैं।
कहा कि पूरे देश में साइबर क्राइम में जम्मू-कश्मीर का हिस्सा 0.5 प्रतिशत है, लेकिन हमारी चुनौतियां अलग हैं। देश की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम का मानना है कि प्रतिवर्ष आभासी दुनिया में 25 प्रतिशत आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसमें अपराधी राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हैं।
साइबर क्राइम से लड़ने में युवा करेंगे मल्टीपल फोर्स का काम
सिन्हा ने कहा कि साइबर क्राइम से लड़ने के लिए कम्यूनिटी और टेक्नोलॉजी के साथ युवा मल्टीपल फोर्स का काम करेंगे। किसी ने बीटेक की है तो किसी ने इंजीनियरिंग। यह सभी साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन अधिकारियों ने साइबर क्राइम और सुरक्षा के गुर सीखे हैं। पुलिस स्टेशन में नियुक्ति पर इनकी सेवाएं निर्णायक होंगी। उन्होंने प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों को सुनहरे भविष्य के लिए बधाई दी।
पुलिस थानों में युवाओं के लिए होंगे कार्यक्रम
उप राज्यपाल ने कहा कि कम्यूनिटी आउटरीच कार्यक्रम के तहत आने वाले दिनों में युवाओं के लिए पुलिस स्टेशन के अंदर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पुलिस के डीएनए में है जन सुरक्षा के लिए सेवा
एलजी ने कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने वाला यह अनोखा बैच है, जिसे प्रशिक्षण पूरा करने से पहले कोरोना संकट के दौरान काम करने के लिए भेजा गया और सबने फ्रंट लाइन वर्कर्स बन कर काम किया। ट्रेनिंग के दौरान ही फील्ड में काम किया। यह तजुर्बा पूरी उम्र काम आएगा।