जम्मू। पाकिस्तान के नाकाम ड्रोन और मिसाइल अटैक के बीच नेशनल हाईवे पर सतर्कता बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियां शुक्रवार को चौकस होकर एनएच की कमान संभालती नजर आई।
जाम से निपटने की जिम्मेदारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास है तो सुरक्षा के मोर्चे अर्द्धसैनिक बल ने संभाल लिए हैं। पठानकोट से श्रीनगर तक नेशनल हाईवे की कुल लंबाई करीब 350 किलोमीटर है। नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति न बने इसके लिए कठुआ, सांबा, जम्मू, उधमपुर, रामबन समेत दूसरे अहम स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
बारिश की वजह वीरवार को श्रीनगर जाने वाले वाहन रामबन के इलाके में कुछ देर के लिए जरूर फंसे रहे। हालांकि बाद में उन्हें एनएचएआई ने बाहर निकालने में मदद की। जम्मू से रामबन की दूरी करीब 121 किलोमीटर है।
वीरवार रात को जम्मू और श्रीनगर में ड्रोन हमलों की कोशिश के बाद सुबह से दोपहर तक एनएच पर वाहनों की भारी आवाजाही रही। युद्ध के हालात के बीच जम्मू-कश्मीर से बाहर जाने वाले लोग बड़ी तादाद में नेशनल हाईवे से सफर करते नजर आए। हालांकि शाम ढलने तक नेशनल हाईवे लगभग खाली हो गया। शुक्रवार को सुबह हल्की बारिश में उधमपुर से श्रीनगर के बीच रामबन में वाहनों की आवाजाही धीमी रही। धीरे-धीरे गाड़ियां आगे बढ़ती नजर आई। दोपहर को करीब 30 मिनट के लिए यातायात को रोका गया था। एचएआई ने भारी मशीनरी की मदद से यहां मार्ग बहाल कर दिया। एनएचएआई ने रामबन क्षेत्र में जेसीबी समेत टिप्पर और दूसरी मशीनरी तैनात कर दी है। रामबन के परियोजना निदेशक पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन में कोई रुकावट न आए इस पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। जबकि एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी आरएस यादव ने बताया कि नेशनल हाईवे पर वाहनों की आवाजाही में निरंतरता उनकी जिम्मेदारी है। पठानकोट से श्रीनगर तक सभी प्रोजेक्ट डायरेक्टर को निगरानी और मशीनें तैनात करने के आदेश दे दिए गए हैं।