जम्मू। जेके समाधान पोर्टल पर नागरिकों की तरफ से कुल 53,342 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिनमें से 30 अप्रैल तक 39,971 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। 13,371 शिकायतों पर कार्यवाही अभी बाकी है। 75 फीसदी निस्तारण के बाद अब प्रशासन का टारगेट हर परिवार से कम-से-कम एक सदस्य का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर कराना है, ताकि जरूरत के वक्त प्रशासनिक मशीनरी तक पहुंच आसान हो सके।
पब्लिक ग्रीवांस सचिव एजाज असद के अनुसार जेके समाधान पोर्टल पर अभी तक 13,08,759 नागरिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इस पोर्टल पर इस साल 4 जनवरी तक केवल 12,932 रजिस्ट्रेशन थे, लेकिन 5 फरवरी तक यह आंकड़ा 3,49,826 पर जा पहुंचा था। अकेले पिछले दो माह में 9,46,001 नए रजिस्ट्रेशन हुए।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू भी इस पोर्टल को लेकर बहुत गंभीर हैं। उन्होंने पब्लिक ग्रीवांस को देखते हुए इस पोर्टल को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए जनसभाओं और कार्यक्रमों में जेके समाधान पोर्टल को हाईलाइट करने और रजिस्टर्ड नागरिकों को पोर्टल की सेवाओं के संबंध में सूचित करने के लिए बल्क एसएमएस अभिनान चलाने के भी निर्देश दिए। जमीनी स्तर पर जनसेवाओं की डिलीवरी में सुधार के लिए उन्होंने अधिकारियों को एआई का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया।
30 दिन के भीतर हो जन शिकायतों का निस्तारण : डुल्लू
मुख्य सचिव ने पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की
निराकरण में बेवजह देरी की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने गुरुवार को एक बैठक कर जेके समाधान 2.0 के अंतर्गत पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने जन शिकायतों के 30 दिन के भीतर समाधान के निर्देश दिए। सभी डीसी और विभागों को इस संबंध में बेवजह देरी की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने को कहा।
इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों और जिला प्रशासन के रिस्पांस की गति, गुणवत्ता और प्रभाव पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि केवल शिकायतों का पंजीकरण ही काफी नहीं है, बल्कि उनका संतोषजनक एवं समयबद्ध निदान जरूरी है। नागरिकों के मसलों का समय से समाधान ही गवर्नेंस सिस्टम में जनता का भरोसा पैदा करता है।
इस दौरान जेके समाधान 2.0 पोर्टल का लाइव डेमो भी किया गया। डाटा पर आधारित ग्रीवांस हैंडल करने के लिए उन्होंने बीआईएसएजी-एन के साथ जुड़ने की भी संस्तुति की। साथ ही ग्रीवांस विश्लेषण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और अन्य एडवांस टूल्स के इस्तेमाल पर जोर दिया। ग्रीवांस के टाइप और लोकेशन के आधार पर हीटमैप जैसे फीचर इंटिग्रेट करने का सुझाव दिया।