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Jammu News: औद्योगिक पैकेज का विस्तार नहीं, 20 हजार करोड़ का निवेश रुका

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जम्मू। केंद्रीय बजट में जम्मू कश्मीर में नई केंद्रीय औद्योगिक क्षेत्र योजना के 28000 करोड़ रुपये के बजट पैकेज का विस्तार न होने से प्लांट व मशीनरी में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश रुक गया है। पंजीकरण के लिए जम्मू कश्मीर में करीब 600 (जम्मू संभाग में 400 और बाकी कश्मीर) निवेशक तैयार थे, लेकिन पैकेज प्रावधान खत्म होने से निवेशकों की पंजीकरण प्रक्रिया बंद है। यूटी प्रशासन की ओर से औद्योगिक पैकेज का 75000 करोड़ रुपये के विस्तार पैकेज का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।
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उद्योग विभाग के पास 971 निवेशक पंजीकृत हुए हैं, जिनमें 500 से अधिक मौजूदा औद्योगिक इकाइयां हैं। जिन्हें कार्यशील पूंजी का लाभ दिया जा रहा है। पंजीकृत निवेशकों की ओर से करीब 13 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए गए हैं। लेकिन पंजीकरण प्रक्रिया रुक जाने से नए निवेश पर विराम लगा हुआ है। सदन में भी विभिन्न सदस्यों ने औद्योगिक नीति और उद्योग से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।
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औद्योगिक पैकेज का विस्तार न होने से अस्थिरता का माहौल

जीएसटी की प्रतिपूर्ति को लेकर नई व पुरानी इकाइयों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी


जम्मू। जम्मू कश्मीर के लिए नई केंद्रीय औद्योगिक क्षेत्र योजना के बजट पैकेज का विस्तार न होने से पुराने और नए निवेशकों में अस्थिरता का माहौल है। औद्योगिक नीति आने के साथ नई व पुरानी इकाइयों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की बात कही जा रही है। मौजूदा इकाई प्रबंधनों के अनुसार नई इकाइयों को पैकेज में कवर करके उन्हें जीएसटी की पूरी प्रतिपूर्ति दी जा रही है, जिससे वह रिफंड राशि का उपभोक्ताओं को लाभ देकर पुरानी इकाइयों से उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींच रहे हैं। पैकेज का विस्तार न होने से पुरानी इकाइयों पर ताले लग जाएंगे।
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फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन का कहना है कि नए पैकेज के तहत जिन निवेशकों ने भूमि लेकर ढांचे खड़े कर दिए हैं, उनमें भी प्रोत्साहन राशि को लेकर असमंजस बना हुआ है। यूटी प्रशासन की ओर से केंद्र के पास 75000 करोड़ रुपये के पैकेज विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन कुछ नहीं हुआ है।

बाड़ी ब्राह्मणा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपप्रधान अजय लंगर ने कहा कि पैकेज में पर्याप्त टर्नओवर प्रोत्साहन न मिलने से मौजूदा औद्योगिक इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। उद्योग विभाग ने सालाना 50 करोड़ रुपये टर्नओवर प्रोत्साहन देने का वादा किया था, जबकि हर साल करीब 200 करोड़ रुपये के दावे जा रहे हैं। लेकिन 2021-22 में 14 प्रतिशत टर्नओवर प्रोत्साहन दिया गया और वर्ष 22-23 में 10 प्रतिशत दिया जा रहा है। एसोसिएशन आफ इंडस्ट्रीज कठुआ के अध्यक्ष अजीत बाबा ने कहा कि मौजूदा औद्योगिक इकाइयां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तीन से चार लाख लोगों को रोजगार दे रही हैं, लेकिन उन्हें प्रोत्साहन न मिलने से हजारों लोग बेरोजगार हो सकते हैं।
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