जम्मू। रोजगार सृजन, कौशल विकास को लेकर नेकां सरकार ने बजट में कई प्रावधान किए हैं, लेकिन युवाओं से जुड़े दो बड़े वादे अभी भी अधूरे हैं। इसमें यूथ एंप्लॉयमेंट जनरेशन एक्ट, भर्ती परीक्षा के लिए निशुल्क आवेदन जैसे वादें अभी तक अधूरे हैं, जिससे विशेष कर सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे युवाओं में काफी निराशा है।
नेकां ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में से यूथ एंप्लॉयमेंट जनरेशन एक्ट को विधानसभा में पास करवाने की समय सीमा तय की थी, लेकिन फिलहाल अभी सरकार का इस पर कोई विचार नहीं है। इस एक्ट से युवाओं के पास स्थायी रोजगार के अवसर होने थे। हालांकि बजट में सरकार ने मिशन युवा पहल और कौशल विकास को बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय खोलने जैसे प्रावधान किए हैं। वर्तमान समय में युवाओं के सामने बड़ा मुद्दा भर्ती परीक्षाओं के लिए लगातार बढ़ता आवेदन शुल्क है। कभी 350 रुपये आवेदन शुल्क होता था जो आज बढ़कर 600 से 700 रुपये तक पहुंच गया है। सरकार ने विधानसभा में दिए जवाब में कहा था कि 2024 में जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) को आवेदन शुल्क के रूप में 5.27 करोड़ रुपये मिले थे जबकि जम्मू-कश्मीर लोक सेवा आयोग (जेकेपीएससी) को 8.44 करोड़ रुपये मिले थे। यह दर्शाता है कि प्रदेश में कितने युवा बेरोजगार हैं। आवेदन शुल्क माफ करना नेकां का चुनावी वादा था। इस बजट सत्र में अभी तक सरकार ने इसका कोई प्रावधान नहीं रखा है।
आवेदन शुल्क बड़ी चुनौती
युवा अमित कुमार, सुनील सिंह, विंकल कुमार ने कहा कि आवेदन शुल्क माफी को लेकर सरकार को कोई पहल करनी होगी। लगातार बढ़ता आवेदन शुल्क बेरोजगार युवाओं के सामने बड़ी चुनौती है। सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए ताकि युवा बिना किसी वित्तीय परेशानी के परीक्षाओं की तैयार कर सकें।
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इन वादों को बजट में किया पूरा
सरकार ने अपने घोषणा पत्र में कुछ वादों को इस बजट में पूरा किया है।
विवाह सहायता में 50 हजार से 75 हजार रुपये तक की वृद्धि।
लाडली बेटी योजना का विस्तार
सरकारी बसों में महिलाओं का निशुल्क सफर
ग़रीब परिवारों को 200 यूनिट बिजली, 10 किलो राशन प्रति व्यक्ति