जम्मू। पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए मौसम संबंधी सेवाओं को मजबूत बनाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर में एक दशक पहले की तुलना में स्वचालित मौसम स्टेशनों (एडब्ल्यूएस) की संख्या दोगुनी हो गई है। जम्मू, श्रीनगर, मनिहाल और लेह में उन्नत एक्स-बैंड रडार की स्थापना की गई है। डॉ. सिंह ने शुक्रवार को जम्मू में आईएमडी की 150वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर जम्मू में हितधारकों के लिए मौसम और जलवायु सेवाओं पर कार्यशाला में जम्मू में एक क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना की घोषणा की।
डा. सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर में मौसम संबंधी सेवाएं का विस्तार अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी तीर्थयात्राओं सहित महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए सटीक मौसम पूर्वानुमान सुनिश्चित करने में ये विकास महत्वपूर्ण रहे हैं। 1875 में अपनी विनम्र शुरुआत से आईएमडी एक गतिशील संस्थान के रूप में विकसित हुआ है जो महत्वपूर्ण मौसम डेटा प्रदान करता है। इसने कृषि, आपदा प्रबंधन, विमानन और रक्षा जैसे क्षेत्रों को सशक्त बनाया है। इसके पूर्वानुमानों की विश्वसनीयता और सटीकता नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है, जिससे आपदा पूर्व महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। 2014 के बाद से तकनीकी प्रगति ने भारत की मौसम संबंधी क्षमताओं में कैसे क्रांति ला दी है।
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महत्वपूर्ण संस्थानों में एमओयू होगा
डा. सिंह ने कहा मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल मोदी 3.0 के पहले 100 दिनों के हिस्से के रूप में शुरू की गई 2,000 करोड़ रुपये की पहल है। 2024 से 2026 तक चलने वाले इस मिशन का उद्देश्य भारत को मौसम के लिए तैयार और जलवायु-स्मार्ट बनाना है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र और जम्मू विश्वविद्यालय, शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्कास्ट) और इस्लामिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अवंतीपुरा जैसे संस्थानों के बीच आगामी समझौता ज्ञापन (एमओयू) की भी घोषणा की। ये सहयोग मौसम विज्ञान में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देंगे। जिससे मौसम विशेषज्ञों की एक नई पीढ़ी तैयार होगी। बताया गया कि आईएमडी की 150वीं वर्षगांठ के जश्न का समापन 15 जनवरी, 2025 को दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे।
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