जम्मू। राज्य संबद्ध व स्वास्थ्य सेवा परिषद के काम शुरू नहीं कर पाने से पैरा मेडिकल छात्रों का पंजीकरण और परीक्षाएं लटक गई हैं। हर साल सामान्य तौर पर नवंबर में पैरा मेडिकल कोर्सों के लिए परीक्षाएं हो जाती थीं। इसमें 8 से 10 हजार परीक्षार्थी बैठते हैं। गत 19 नवंबर को 15 सदस्यीय नई राज्य संबद्ध व स्वास्थ्य परिषद का गठन किया गया था, लेकिन अब तक परिषद के पूरी तरह से काम नहीं करने से छात्रों के डिप्लोमा जारी करने और पंजीकरण प्रक्रिया नहीं हो पा रही है।
नई परिषद के गठन की तिथि से पहले जिन बच्चों ने फीस जमा करवा दी थी, हालांकि उन्हें डिप्लोमा जारी किए जा रहे हैं। एक माह से अधिक समय से छात्र जीएमसी जम्मू में स्थापित पुरानी जेएंडके पैरा मेडिकल काउंसिल के कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं, जिनमें 19 नवंबर के बाद के छात्रों के पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं। राज्य संबद्ध व स्वास्थ्य सेवा परिषद के गठन से पहले जम्मू कश्मीर में जम्मू कश्मीर पैरा मेडिकल एंड नर्सिंग काउंसिल के अधीन छात्रों के पंजीकरण करने के साथ परीक्षाएं ली जा रही थीं, लेकिन नए परिषद के गठन के बाद राज्य संबद्ध व स्वास्थ्य सेवा परिषद को अब डिप्लोमा लैब टेक्नोलाजी, एक्सरे टेक्नीशियन, आपरेशन थियेटर, नेत्र टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन, मेडिकल असिस्टेंट आदि के लिए पंजीकरण और परीक्षा लेनी है, लेकिन नई परिषद के गठन के बाद उसके पूरी तरह से कार्यान्वयन के लिए अभी छह माह का समय लग सकता है। इसमें परीक्षा प्रणाली को स्थापित करने के अन्य जरूरी कार्य पूरे किए जाने हैं। अगर ऐसा होता है तो पैरा मेडिकल छात्रों की परीक्षाएं करवाने में देरी हो जाएगी। इन्हीं परीक्षाओं के आधार पर पैरा मेडिकल विद्यार्थी विभिन्न पैरा मेडिकल नौकरियों के लिए आवेदन करते हैं। नई व्यवस्था में जेएंडके पैरा मेडिकल व नर्सिंग परिषद से पैरा मेडिकल को बाहर निकालकर जम्मू-कश्मीर नर्सिंग काउंसिल बना दी गई है, जो जीएनएम, मेल व फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर की परीक्षाएं और पंजीकरण कर रही है।
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परीक्षाओं के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार
राज्य संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा परिषद के अभी पूरी तरह से काम नहीं कर पाने से पुरानी जेएंडके पैरा मेडिकल काउंसिल द्वारा ही पैरा मेडिकल की परीक्षाएं करवाने का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें पुरानी पैरा मेडिकल और नर्सिंग काउंसिल के तहत पैरा मेडिकल और नर्सिंग दोनों परीक्षाएं एक साथ करवाने का प्रस्ताव बनाया गया है, जिसमें सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षाएं करवाई जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक जीएमसी जम्मू में सोमवार को हुई राज्य संबद्ध व स्वास्थ्य सेवा परिषद की पहली बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें पुरानी जेएंडके पैरा मेडिकल व नर्सिंग काउंसिल से नियंत्रक डाॅ. एएस भाटिया की ओर से परीक्षाओं के लंबित होने के मुद्दे को उठाया। इसमें एक राय बनाई गई कि इस बार पुरानी काउंसिल ही परीक्षाएं करवा ले, ताकि बच्चों का भविष्य प्रभावित न हो।
यह बैठक राज्य संबद्ध और स्वास्थ्य सेवा परिषद की चेयरपर्सन डाॅ. साबिया माजिद की अध्यक्षता में हुई। इसमें परिषद के सदस्यों के साथ पुरानी परिषद से प्रधान व जीएमसी के प्रिंसिपल डाॅ. आशुतोष गुप्ता, रजिस्ट्रार डाॅ. संदीप सिंह, श्रीनगर से वर्चुअल मोड से जीएमसी के प्रिंसिपल डाॅ. इरफत, नियंत्रक डाॅ. सलीम, दोनों जीएमसी के मुख्य लेखा अधिकारी आदि मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि जल्द पुरानी और नई परिषद के बीच परिषद के अधिग्रहण और सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।