1.37 लाख युवाओं को बनाया जाएगा सफल उद्यमी, पहचान पर होगा काम
जम्मू। प्रदेश में 1.37 लाख युवाओं को सफल उद्यमी बनाने के लिए पहल पर काम हो। इसमें श्रम एवं रोजगार के अलावा योजना विभागों द्वारा संयुक्त रूप से बेसलाइन सर्वेक्षण किया जा रहा है।
यह बात मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने ऑनलाइन आवेदन के अवलोकन के दौरान कही। इसमें योजना विभाग द्वारा नामित लगभग 20,000 जांचकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किया जाएगा।
इस मौके पर डुल्लू ने कहा कि इस अभ्यास का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के उन युवाओं की पहचान करना है। जो यहां मिशन युवा (युवा उद्यमी विकास अभियान) के तहत सरकार द्वारा विभिन्न उद्यमिता गतिविधियों के माध्यम से स्वरोजगार के इच्छुक हैं। उन्होंने यहां विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे इस सर्वेक्षण में भाग लें। मुख्य सचिव ने संबंधितों को इस सर्वेक्षण से जितना संभव हो उतना डेटा लाने की सलाह दी। इससे कई विश्लेषण किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह डेटा कई अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन और भविष्य की नीतियों के निर्माण में प्रशासन का मार्गदर्शन करेगा। उन्होंने संबंधित उपायुक्तों को इस अभ्यास की निरंतर निगरानी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। अपनी प्रस्तुति में सचिव एलएंडई राजीव रंजन ने जानकारी दी कि इस गतिविधि से आबादी के संभावित उद्यमियों की पहचान करने के अलावा मौजूदा उद्यमों का सर्वेक्षण करने और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर गौर किया जा सकेगा। बीआईएसएजी-एन द्वारा एक ऑनलाइन एप विकसित किया गया है जो तैयार प्रश्नावली के आधार पर प्रश्नों का एक सेट प्रस्तुत करके वास्तविक समय के आधार पर डेटा एकत्र करेगा। यह बताया गया कि इसका उद्देश्य 18-49 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों को अगले 5 वर्षों में लगभग 4.25 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने वाले कम से कम 1.37 लाख नए उद्यम शुरू करने में मदद मिलेगी। सर्वेक्षण के संबंध में डीजी ईएंडएस सतवीर कौर ने कहा कि प्रत्येक जिले से मास्टर ट्रेनर्स के एक समूह की पहचान संबंधित डीसी द्वारा की जाएगी। जिन्हें श्रीनगर और जम्मू दोनों स्थानों पर एक सप्ताह के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके अलावा यहां मिशन युवा के कार्यान्वयन के लिए ‘युवा कौशल और उद्यमिता एप’ विकसित किया गया है।