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Jammu News: तीन हजार के करीब इंचार्ज लेक्चरर व प्रिंसिपल नियमितीकरण की आस में

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा विभाग में तीन हजार के करीब इंचार्ज लेक्चरर व प्रिंसिपल नियमितीकरण की आस में हैं। इसमें कुछ शिक्षक डेढ़ दशक तो कुछ 2017 से डीपीसी का इंतजार कर रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग इन शिक्षकों से लेक्चरर व प्रिंसिपल का काम तो ले रहा है, लेकिन उस कैडर का वेतन या फिर चार्ज अलाउंस नहीं दे रहा है।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने मास्टर को इंचार्ज लेक्चरर तो लेक्चरर को इंचार्ज प्रिंसिपल बनाया था। नियम के तहत इन शिक्षकों को कम से कम छह महीने या ज्यादा से ज्यादा दो साल में उस पद पर नियमित करना होता है। नियमित नहीं करने तक उस पद का चार्ज अलाउंस देना होता है, लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग ने दोनों ही नियम नहीं माने। इसके कारण जिस शिक्षक को दस साल पहले मास्टर से इंचार्ज लेक्चरर बनाया था वह दस साल बाद भी इंचार्ज लेक्चरर ही बना हुआ है। उससे काम लेक्चरर का लिया जा रहा है लेकिन वेतन सहित अन्य लाभ मास्टर ग्रेड के मिल रहे हैं।
डीपीसी नहीं होने से इंचार्ज लेक्चरर और प्रिंसिपल नियमितीकरण की आस में है। 2017 से डीपीसी नहीं हुई हालांकि 2013 के भी कुछ शिक्षक हैं जो विभाग से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग ने कभी डिग्री सत्यापन तो कभी अन्य सत्यापन के नाम पर शिक्षकों की डीपीसी पर रोक लगा रखी है। 2019 में तत्कालीन स्कूल शिक्षा प्रमुख सचिव ने डीपीसी प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन बॉटनी विषय के कुछ शिक्षकों की डीपीसी होने के बाद प्रक्रिया अटक गई। इसके बाद 2023 में विभाग ने प्रक्रिया शुरू की, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसके कारण तीन हजार से अधिक लेक्चरर व प्रिंसिपल प्रभावित हैं।
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नए सरकार के गठन के बाद स्कूल शिक्षा विभाग की मंत्री ने जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा निदेशालय को जल्द से जल्द शिक्षकों की डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने को कहा है ताकि शिक्षकों को लाभ मिले।
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