जम्मू। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ क्षेत्रीय युवाओं को तैयार किया जाएगा। ऐसे कौशल युवाओं की पहचान करके उन्हें आईटीआई और श्रीनगर के होटल प्रबंधन संस्थान में प्रशिक्षित किया जाएगा। सरकार ने अपने बजट में भी कौशल और उद्यमिता पर ध्यान दिया है। युवाओं को कौशल से लैस करके उन्हें पर्यटन में आगे लाया जाएगा।
उन्होंने माना कि पर्यटन का फायदा तभी मिलेगा जब वहां के खासतौर पर युवाओं को रोजगार मिले। क्षेत्रवासियों की पर्यटन गतिविधियों में भागीदारी बढ़े। हमने बजट में उद्यमिता कौशल विश्वविद्यालय का भी प्रस्ताव रखा है। विधायक जावेद अहमद मिरचल के कनराह विधानसभा के पर्यटन संबंधी सवाल का विधानसभा में जवाब देते हुए उमर ने कहा कि पर्यटन-संचालित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए करनाह, केरन, माछिल और गुरेज जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में उचित प्रयास किए जा रहे हैं। करनाह में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और उन्हें तलाशने की जरूरत है। हमने करनाह में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में बॉर्डर उत्सव, योग उत्सव आदि गतिविधियां की हैं। कोशिश कर रहे हैं कि बाहर के लोगों को करनाह में लाया जाए। इस तरह की पहल से धीरे-धीरे संभावित क्षेत्रों में पर्यटन वृद्धि होगी। पर्यटन विभाग ने क्षेत्र में पेइंग गेस्ट हाउस और होमस्टे का पंजीकरण शुरू किया है। यहां छह होमस्टे और टीटवाल में पांच होमस्टे पंजीकृत किए हैं। पर्यटन स्थलों पर होमस्टे पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए, विधायकों को हमारी मदद करनी चाहिए और स्थानीय लोगों को इसमें शामिल करना चाहिए।
सदस्य नजीर अहमद खान गुरेजी ने एक पूरक प्रश्न किया। सदस्य सैफुल्लाह मीर ने उक्त स्थलों में स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विकास प्राधिकरण की स्थापना का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि करनाह के साथ टीटवाल, नवगाबरा में करनू और बुदनंबल गांवों में प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाएं हैं। पर्यटन विभाग ने इन गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए कई पहल की हैं। कुपवाड़ा के टीटवाल में शारदा मंदिर में यात्री निवास के निर्माण के साथ एक कैफेटेरिया का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। परियोजना की अनुमानित लागत 150 लाख रुपये है।