जम्मू। विधानसभा चुनाव के पहले दो चरण का मतदान खत्म हो गया है। कांग्रेस-नेकां गठबंधन की मजबूरी अब बीच चुनाव में साफ दिख रही है। गठबंधन में होने के बावजूद दोनों पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व एक-दूसरे के उम्मीदवारों के लिए प्रचार से परहेज कर रहा है। पहले दो चरण में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व ने रैलियां और जनसभाएं तो कीं लेकिन सिर्फ वहां जहां से उनके पार्टी के उम्मीदवार ही मैदान में हैं।
नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन किया। 51 सीटें नेकां तो 32 कांग्रेस को मिलीं। पहले चरण में जिन 50 सीटों पर मतदान हुआ, उसमें दोनों पार्टियों ने एक दूसरे के उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं किया। हालांकि इस बीच कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सचिन पायलट जैसे बड़े नेता प्रचार करने जम्मू-कश्मीर आए, लेकिन उनका प्रचार उन्हीं सीटों तक सीमित रहा जहां से कांग्रेस के प्रत्याशी मैदान में हैं। इस तरह नेशनल कांफ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व उमर अब्दुल्ला और फारूख अब्दुल्ला का प्रचार भी अपनी पार्टी के प्रत्याशियों तक ही सीमित रहा। श्रीनगर और जम्मू संभाग में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व ने जनसभाएं व रैलियां की हैं। हालांकि राहुल गांधी के साथ डॉ. फारूक अब्दुल्ला पुंछ के थन्नामंडी, डोरू सीट पर मंच साझा करते हुए दिखे थे। इसके अलावा अन्य किसी भी सीट पर नेताओं ने एक दूसरे के लिए प्रचार नहीं किया
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सचिन पायलट 18 सितंबर को चुनाव प्रचार के लिए जम्मू आए थे। इस दौरान उन्होंने राजोरी में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इसके बाद श्रीनगर में प्रेस वार्ता की। फिर थन्नामंडी और सुरनकोट में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में ही प्रचार किया, जबकि जम्मू दक्षिण से कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में भी चुनावी सभा की।
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राहुल गांधी ने पहले चरण में अनंतनाग के डोरू और फिर बनिहाल में रैली की। इन दोनों सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मैदान में हैं। डोरू में नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने राहुल के साथ मंच साझा किया था। इसके बाद राहुल ने पुंछ के सुरनकोट में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा की, यहां भी डाॅ. फारूक अब्दुल्ला ने उनके साथ मंच साझा किया। इसके बाद सेंट्रल शाल्टेंग और जम्मू बाहु और आरएस पुरा जम्मू दक्षिण सीट से पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभाएं की गईं। इसमें गठबंधन का कोई बड़ा नेता शामिल नहीं हुआ। इस तरह कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिर्फ उन्हीं सीटों पर प्रचार किया जहां पार्टी के उम्मीदवार मैदान में हैं।
नेकां उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने पहले और दूसरे चरण में गठबंधन में कांग्रेस के उम्मीदवार के लिए प्रचार नहीं किया। उन्होंने रामबन में, डोडा, किश्तवाड़ और भद्रवाह में प्रचार किया जहां से नेकां उम्मीदवार मैदान में थे। शुक्रवार को उमर अब्दुल्ला एक दिवसीय दौरे पर हैं। उनकी जनसभाएं उन्हीं सीटों पर हैं, जहां से नेकां प्रत्याशी मैदान में हैं। इससे पहले डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने विजयपुर सीट पर प्रचार किया था जहां से नेकां उम्मीदवार मैदान में था।