जम्मू। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि हड़पने के मामले में क्राइम ब्रांच ने 8 वर्ष से चल रही जांच पूरी कर ली है। इसमें पूर्व तहसीलदार और एक सेवानिवृत्त गिरदावर सहित आठ लोग आरोपी बनाए गए हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है। दो पहले से जमानत पर हैं और चार को क्राइम ब्रांच ने अब गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया। आरएस पुरा के डांगरे की रहने वाली कौशल्या देवी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में कौशल्या देवी ने आरोप लगाया था कि उनके दिवंगत पति को 1947 के विस्थापित व्यक्ति होने के नाते गांव डांगरे में विभिन्न खसरा नंबरों में 72.4 कनाल जमीन आवंटित हुई थी।
आरोपी और उसके पिता ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी व जाली दत्तक ग्रहण विलेख के आधार पर जमीन को अपने पक्ष में स्थानांतरित करवा लिया। यह अदालत में विधिवत पंजीकृत है। आरोपी को शिकायतकर्ता और उसके पति का गोद लिया पुत्र दिखाया गया था, जबकि शिकायतकर्ता न तो किसी राजस्व अधिकारी के सामने और न ही गोद लेने के विलेख के लिए जमीन के म्यूटेशन व पंजीकरण के लिए अदालत के सामने पेश हुई। शिकायत के सत्यापन के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
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कोट
जांच डीएएसपी रैंक के अधिकारी द्वारा की गई है। इसमें आठ आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के अपराध साबित हुए। इनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो को जमानत मिल गई थी। इनमें से दो की मौत हो चुकी है।
- बेनाम तोश, एसएसपी