जम्मू। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री मेडिकल ट्रस्ट बनाने की पहल गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को नया जीवन देने का काम करेगी। जम्मू-कश्मीर में किडनी, कैंसर और हृदय रोग के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। असंतुलित जीवनशैली और अन्य कारणों से लोग ऐसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला स्तर पर डायलिसिस सेवा का विस्तार होने से हजारों मरीजों को राहत मिलेगी।
विधानसभा सत्र में उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के अभिभाषण में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देने की सराहना की गई है। सीएम मेडिकल ट्रस्ट से कैंसर, हृदय रोग और किडनी प्रत्यारोपण जैसी गंभीर बीमारियों के पीड़ित मरीजों को वित्तीय सहायता देने की बात कही गई है।
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जम्मू संभाग में हर साल कैंसर के करीब दो हजार नए मरीज मिल रहे
जम्मू संभाग के ही दस जिलों में हर साल दो हजार से अधिक कैंसर के नए मामले मिल रहे हैं। चिंता यह है कि इनमें 50 प्रतिशत से अधिक मामले एडवांस स्टेज (3-4 स्टेज वाले गंभीर मामले) में पहुंच रहे हैं, जिन्हें देरी से चिकित्सा मिलने से अधिक बेहतर परिणाम नहीं मिल पाते हैं। जीएमसी के रेडियोथेरेपी और ऑन्कोलॉजी विभाग में वर्ष 2023 में पुरुषों में 997 व महिलाओं में 745 कैंसर के मामले मिले। वर्ष 2020 में 1718 और वर्ष 2021 में 1757, 2022 में 1759, 2023 में 2079 कैंसर के मरीज आए थे। इस साल अब तक करीब 1800 नए कैंसर के मामले रिपोर्ट हो चुके हैं। विभाग के एचओडी डाॅ. राहुल शर्मा के अनुसार कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से 50 प्रतिशत के लिए पुरुषों में मुंह, फेफड़े और महिलाओं में सर्वाइकल (ग्रीवा) तथा स्तन कैंसर जिम्मेदार है।
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प्रदेश में दो साल में किडनी रोगियों की संख्या 100 से अधिक बढ़ी
जम्मू कश्मीर में पिछले दो साल में 100 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। वर्ष 2022 में जीएमसी जम्मू में 12, जीएमसी श्रीनगर में 2 और स्किम्स श्रीनगर में कुल 53 प्रत्यारोपण हुए। इसी तरह वर्ष 2023 में जीएमसी जम्मू में 7, जीएमसी श्रीनगर में 5 और स्किम्स श्रीनगर में 39 प्रत्यारोपण किए गए। अभी तक कैडवरिक (मृतक) किडनी अंगदान की पहल नहीं हो पाई है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के नेफरोलाजी विभाग के विशेषज्ञ डाॅ. राजू भंडारी के अनुसार विभाग में मासिक 800 से 900 की ओपीडी में 20 से 30 प्रतिशत नए किडनी रोगियों के मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। मधुमेह, हाइपरटेंशन, ड्रग्स व अन्य किडनी समस्याओं के कारण इसके रोगी बढ़ रहे हैं।
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औद्योगिक नीति में संशोधन से मौजूदा इकाइयों का विस्तार होगा
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन का कहना है कि अगर प्रदेश सरकार जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 में संशोधन करके नए प्रावधान लाती है तो उम्मीद है कि मौजूदा औद्योगिक इकाइयों का विस्तार होगा। हम लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि नई औद्योगिक इकाइयों की तर्ज पर नीति के तहत मौजूदा इकाइयों को भी सभी तरह के प्रोत्साहन दिए जाएं। 2017 के बाद सेंटर एक्साइज ड्यूटी पर प्रतिपूर्ति की कटौती करके अब सिर्फ 500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जबकि पहले यह 1800 करोड़ रुपये का प्रावधान था।