जम्मू। शैक्षणिक सत्र के बीच शीतकालीन स्कूलों में कक्षा एक से नौ तक की परीक्षाओं में किया बदलाव अब स्कूल शिक्षा विभाग के लिए ही चुनौती बन गया है। वार्षिक परीक्षाओं में अब कुछ ही दिन बचे हैं। अभी आधा सिलेबस पढ़ाया जाना बाकी है। ऐसे में बच्चों के लिए पढ़ना और शिक्षकों के लिए सिलेबस पूरा करना चुनौती बना हुआ है।
प्रदेश के सभी स्कूलों में दिवाली की छुट्टियों के बाद टर्म वन टेस्ट होने प्रस्तावित थे, लेकिन स्कूल खुलने से पहले ही सरकार ने शीतकालीन इलाकों में नवंबर से शैक्षणिक सत्र बहाल कर दिया जिससे जो परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में होनी थीं, अब वह नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित हैं। स्कूलों में सिलेबस मार्च सत्र के हिसाब से पढ़ाया जा रहा था। अब शिक्षकों के लिए कुछ दिनों में सिलेबस पूरा करवाना और विद्यार्थियों को परीक्षाओं के लिए तैयारी करवाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। हालांकि शीतकालीन सत्र में आने वाले स्कूलों में सिलेबस को सर्दियों की छुट्टियों से पहले तक पूरा करवा लिया जाता है, क्योंकि आगे तीन महीने के अवकाश रहते हैं, लेकिन इस बार परीक्षा ही नवंबर में होनी है ऐसे में अभी इन स्कूलों में 70 फीसदी सिलेबस ही पूरा हुआ है।
विंटर जोन में कश्मीर संभाग के सभी दस जिलों के अलावा जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़, रामबन जिले के अलावा कठुआ, उधमपुर, पुंछ, राजोरी और रियासी जिले के कुछ जोन के स्कूल आते हैं। जम्मू संभाग में विंटर जोन में आने वाले जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों का दावा है की 70 फीसदी तक सिलेबस पूरा करवा लिया है। परीक्षाएं आयोजन को लेकर तिथि कब तक जारी होगी, इस पर काफी कुछ निर्भर करता है।
कोट
कक्षा एक से नौवीं तक का सिलेबस 70 से 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है। अभी हमारे पास सिलेबस पूरा करने के लिए कुछ समय है। परीक्षाएं नवंबर में होंगी, इसको लेकर अभी तक कोई दस्तावेज नहीं आए हैं, लेकिन फिर भी सिलेबस काफी हद तक पूरा कर लिया गया है।
-अशोक शर्मा, स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू