चकाचक सड़क, जगह-जगह खाने-पीने की दुकानें, न गोलियों की तड़तड़ाहट का शोर, न ही डर। हफ्ते में दो दिन बीटिंग रिट्रीट। ऐसा माहौल इस समय भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर स्थित आक्ट्राॅय का है। यहां हर रोज पर्यटक पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुचेतगढ़ और यहां पहुंचने तक पिछले कुछ समय से सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
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इससे सैलानियों के लिए पहुंचना आसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, सुचेतगढ़ बॉर्डर पर हर रोज 50 से 60 पर्यटक पहुंच रहे हैं। हफ्ते में दो दिन रविवार और शनिवार इनकी संख्या 500 से 700 तक पहुंच जाती है। पिछले तीन वर्ष में सुचेतगढ़ बॉर्डर पर एक लाख के करीब पर्यटक पहुंचे हैं। वर्ष 2021 से पहले एक माह में 50 लोग भी सुचेतगढ़ नहीं पहुंचते थे।