जम्मू। स्कास्ट कश्मीर की तरफ से हाल ही में विकसित मक्का की नई किस्म शालीमार मक्का हाइब्रिड-5 को क्षेत्र विस्तार श्रेणी के तहत झारखंड राज्य को दिया जाएगा।
इस हाइब्रिड बीज से झारखंड में वर्षा आधारित पारिस्थितिकी की विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यहां पर पानी की कम उपलब्धता, भूमि उपजाऊ समस्या और एल्यूमीनियम विषाक्तता जैसी चुनौतियों का समाधान होगा।
इस बीज की खासियत यह है कि शीघ्र उपज मिलेगी। इसकी मजबूत जड़ प्रणाली मक्का के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। इसमें पोषक तत्व ज्यादा हैं। ये बीज झारखंड में मक्का उत्पादन को काफी बढ़ावा देने वाला साबित होगा। इसका उपयोग अब जैव ईंधन और उच्च स्टार्च उत्पादन में भी किया जा रहा है। स्कास्ट कश्मीर ने यूटी और राष्ट्रीय स्तर पर खेती के लिए उपयुक्त मक्का की 27 किस्में विकसित की हैं।
कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनेई ने हाइब्रिड के विकास के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी और पोषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए उत्पाद विकसित करने के लिए स्कास्ट कश्मीर और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के बीच सुधार कार्यक्रम को मजबूत करने पर जोर दिया।