जम्मू। मैदानी इलाकों में पड़ रहा घना कोहरा आगामी गणतंत्र दिवस की सुरक्षा में चुनौती बढ़ा रहा है। शाम ढलते ही 30 फुट की दूरी पर भी कुछ नहीं दिखता। इसे देखते हुए पुलिस के सीनियर अफसरों को निजी तौर पर रात के समय गश्त की कमान संभालने के लिए कहा गया है। एसपी स्तर के अफसर निजी तौर पर रात के समय गश्त कराएंगे, ताकि कोई चूक न हो।
जानकारी के अनुसार इस समय कठुआ, सांबा, जम्मू के मैदानी एवं सीमावर्ती इलाकाें में घना कोहरा पड़ रहा है। सीमावर्ती इलाकाें के बड़े स्तर पर लिंक रोड सीधे जम्मू से जुड़ते हैं। ऐसे में सीमा पार से कोई घुसपैठ करके या फिर कोई शरारती तत्व किसी वारदात को अंजाम न दे, इसलिए इन इलाकों में रात के समय गश्त बढ़ाई गई है।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस की तरफ से अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। पुलिस के कुछ अधिकारियों को रिंग रोड, कुछ को सीमा से सटे इलाकों और कुछ को जम्मू से जोड़ने वाले लिंक रोड की रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक विशेष गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। आगामी 26 जनवरी तक ये सिलसिला चलता रहेगा।
सीमा पार से घुसपैठ पर भी नजर
इस समय घना कोहरा पड़ रहा है। दृश्यता न के बराबर है। इससे बार्डर पर तैनात बीएसएफ के लिए भी गश्त करना आसान नहीं होता। ऐसे में बीएसएफ ने भी अपनी गश्त को बढ़ा दिया है। क्योंकि ऐसे मौसम में अकसर सीमा पार से घुसपैठ के प्रयास तेज किए जाते हैं। नव वर्ष पर ऐसा ही प्रयास आरएस पुरा सेक्टर में हो चुका है। इसे देखते हुए बीएसएफ के जवानों को रात के समय अधिक सक्रियता से काम करने के लिए कहा गया है।
पुलिस समन्वय बनाकर कर रही गश्त
डीआईजी जम्मू शिव कुमार का कहना है कि गणतंत्र दिवस को लेकर सामान्य खतरा तो रहता ही है। इसे देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। तकनीकी ढांचे के साथ रात के समय की गश्त बढ़ा दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों को निजी तौर पर इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ