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Jammu News: प्रदेश में फल-फूल रहा तंबाकू उद्योग, सालाना कारोबार 850 करोड़ पार

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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में तंबाकू उत्पादों का फल-फूल रहा कारोबार प्रदेश के लोगों, खासकर युवाओं की जिंदगी बेदम कर रहा है। कैंसर के साथ फेफड़ों से संबंधित बीमारियां दम घोंट रही हैं। सिगरेट, बीड़ी, हुक्का के बाद अब विदेशी ब्रांड सिगरेट और ई-सिगरेट के भी युवा आदी हो रहे हैं, जो चिंताजनक है। ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे-2 की रिपोर्ट के अनुसार, 15-17 साल की उम्र में सिगरेट सेवन करने वालों की संख्या 5.3% है। महिलाओं में भी तंबाकू और धूम्रपान की लत बढ़ रही है। सरकारी नियंत्रण कार्यक्रमों के बावजूद प्रदेश में तंबाकू उद्योग का सालाना कारोबार 800-850 करोड़ रुपये है।
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तंबाकू कारोबार के विस्तार का सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में हर साल 12,000-13,000 नए कैंसर मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश में 40 से अधिक सिगरेट ब्रांड बिकते हैं, जिनमें एक दर्जन विदेशी हैं। 2019 में देश में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा, लेकिन जम्मू-श्रीनगर में इसकी खुलेआम बिक्री जारी है। जम्मू के गांधीनगर, छन्नी हिम्मत जैसे इलाकों में ई-सिगरेट आसानी से उपलब्ध है। निगरानी तंत्र कमजोर होने के कारण यह सिलसिला थम नहीं रहा।

एक थोक विक्रेता के अनुसार, तंबाकू उत्पादों पर सबसे अधिक जीएसटी लगता है, जिससे सरकार को करोड़ों की आय होती है। छोटा दुकानदार रोजाना 5,000-20,000 रुपये, जबकि थोक विक्रेता 10-15 लाख रुपये का कारोबार करता है। जम्मू में विदेशी ब्रांड सिगरेट और ई-सिगरेट की मांग तेजी से बढ़ी है।
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कैंसर का कहर
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि कैंसर मामले लगातार बढ़ रहे हैं: 2019 में 12,396 नए मामले दर्ज हुए, 2020 में 12,726, 2021 में 13,060, 2022 में 13,395 और 2023-24 में हर साल 13,000+ मामले सामने आए। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू के रेडियोथेरेपी विभाग के प्रमुख डॉ. राहुल शर्मा ने बताया, यहां हर साल 2,000 नए कैंसर मरीज आते हैं, जिनमें 40% मामले तंबाकू से जुड़े हैं। 80% पुरुष मरीजों को गले, मुंह या फेफड़ों का कैंसर होता है। जम्मू कैंसर संस्थान में पिछले साल 5,964 मरीजों ने इलाज कराया, जहां हर महीने 400-500 नए रोगी पहुंचते हैं।

युवा सबसे अधिक प्रभावित
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की जम्मू संभाग प्रमुख डॉ. मृदुला सिंह ने चिंता जताई, युवा तेजी से सिगरेट की लत में फंस रहे हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबेको सर्वे (2016-17) के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 35.2% पुरुष, 5.1% महिलाएं और 20.8% वयस्क धूम्रपान करते हैं। हालांकि, पिछले सर्वे के मुकाबले धूम्रपान करने वालों में 1.1% की कमी आई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के मुताबिक, राज्य में 32% पुरुष और 1% महिलाएं तंबाकू उत्पादों का सेवन करती हैं। पुरुषों में 27% सिगरेट, 4% बीड़ी, जबकि हुक्का और सिगार दो-दो फीसदी का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू सेवन की दर शहरी इलाकों से अधिक है।
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