जम्मू-कश्मीर में डिपार्टमेंटल स्टोर से बीयर की बिक्री के सरकार के फैसले का व्यापक पैमाने पर विरोध शुरू हो गया है। फैसले के विरोध में जम्मू के साथ ही उधमपुर में प्रदर्शन हुए। जम्मू में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरीं। फैसले पर छिड़े सियासी घमासान के बीच विपक्षी दल पीडीपी, कांग्रेस, नेकां और आप के नेताओं ने उप राज्यपाल प्रशासन से फैसले को जल्द वापस लेने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नई व्यवस्था से जम्मू कश्मीर में नशे को बढ़ावा मिलेगा और युवा पीढ़ी अधिक प्रभावित होगी। नई नीति का चारों तरफ विरोध देखते हुए भाजपा भी बैकफुट पर आ गई है। भाजपा ने भी सरकार को इस फैसले पर पुन: विचार करने को कहा है।
मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी : पीडीपी
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शराब को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे खासतौर पर जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। आने वाले समय पर हर दुकान पर शराब बिकने लगेगी। सरकार बुनियादी मुद्दों पर पूरी तरह से विफल हो चुकी है।
शराब के कल्चर को बढ़ावा दे रही भाजपा : कांग्रेस
कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी का कहना है कि भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर में नशे को बढ़ावा देने का काम कर रही है। जम्मू कश्मीर में शराब का कल्चर नहीं है। अनुच्छेद 370 को तोड़ने का यही उद्देश्य था कि यहां की अर्थव्यवस्था को खत्म करें। बेरोजगारी बढ़ाएं। फूड इंडस्ट्री को तबाह करें। पहले जम्मू में शराब को बढ़ावा दिया और अब पूरे प्रदेश में इस चलन को लाया जा रहा है। जिसे शराब पीनी होगी वह दुकान से ले, लेकिन अब गली मोहल्लों में भी यह मिलना शुरू हो जाएगी।
युवाओं को शराब की तरफ धकेल रही सरकार : नेकां
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने कहा कि सरकार युवाओं को शराब की ओर धकेल रही है। डिपार्टमेंटल स्टोर पर अब बीयर की बिक्री का असर जम्मू में ही दिखेगा, जबकि कश्मीर में इसका प्रभाव कम होगा। पहले भी सर्वाधिक शराब की दुकानें जम्मू संभाग में खोली गईं और कश्मीर में यह आंकड़ा सिर्फ पांच का रहा। अब दोबारा डिपार्टमेंटल स्टोर पर जम्मू संभाग में ही बीयर की बिक्री होगी। बच्चों पर इसका गलत प्रभाव पड़ेगा। डिपार्टमेंटल स्टोर पर टॉफी लेने वाला बच्चा भी बीयर की ओर आकर्षित होगा।
मंदिरों के शहर की छवि खराब होगी : आप
आम आदमी पार्टी जम्मू कश्मीर के प्रवक्ता प्रताप सिंह जमवाल का कहना है कि जम्मू को मंदिरों का शहर का कहा जाता है। श्री माता वैष्णो देवी सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यह गोवा नहीं है, जहां शराब का कल्चर है। डिपार्टमेंटल स्टोर पर भी बीयर की बिक्री से श्रद्धालुओं के आगे छवि खराब होगी। सरकार की इस नई नीति से कोई रोजगार नहीं बढ़ेगा, बल्कि नशे के चलन में वृद्धि होगी। इससे सबसे अधिक युवा प्रभावित होंगे।
सरकार फैसले पर विचार करे : भाजपा
भाजपा के पूर्व उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता का कहना है कि जम्मू मंदिरों का शहर है। सरकार को डिपार्टमेंटल स्टोर पर बीयर की बिक्री के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए। हम इसका विरोध करते हैं। यहां धार्मिक पर्यटन है, ऐसा नहीं होना चाहिए।