जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सुचारु बनाने के लिए हितधारकों के लिए दैनिक सूचना बुलेटिन जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसमें काजीगुंड से जखैनी तक एचएमवी द्वारा लिए गए यात्रा समय, कैफटेरिया मोड़-मेहाड़ में पथराव के कारण समय की हानि और जम्मू के लिए प्रस्थान करने वाले वाहनों की संख्या का उल्लेख होगा। यातायात पुलिस मजबूत संचार और सूचना तंत्र को स्थापित करे। इसमें काजीगुंड-बनिहाल, बनिहाल बाजार, शेरबीबी, पंथियाल, मेहाड़ जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर एचएमवी यातायात को नियंत्रित किया जा सकेगा।
मुख्य सचिव ने मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक में एनएच-44 पर यातायात की समीक्षा की। उन्होंने यातायात प्रबंधन अधिकारियों को रामबन और बनिहाल के बीच महत्वपूर्ण हिस्सों में लेन अनुशासन लागू करने को कहा। जनजातीय मामलों के विभाग और उपायुक्त सुनिश्चित करें कि किसी भी डेरा को विशेष रूप से काजीकुंड और रामबन के बीच एनएच-44 पर जाने की अनुमति न दी जाए। उन्हें अपने मवेशियों और परिवार के सदस्यों को ले जाने के लिए उपयुक्त वाहन प्रदान किया जाएगा। लावारिस मवेशी हाईवे पर न आएं। परेशानीमुक्त आवाजाही के लिए निर्णय लिया गया कि एचएमवी के डाउन काफिले को काजीकुंड से सुबह 11 बजे से वैकल्पिक दिनों में रात 9 बजे तक अनुमति दी जा सकती है। हाईवे पर अनलोडिंग और वाहन पार्क न करने के लिए चालकों को जागरूक किया जाए। जिला प्रशासन रामबन सुनिश्चित करे कि वाहनों की सड़क किनारे पार्किंग न हो और पब्लिक ट्रांसपोर्टर भी एनएच पर यात्रियों को बैठाने के लिए वाहन पार्क न करें। संभागीय प्रशासन कश्मीर एचएमवी के लिए मुगल रोड का उपयोग करने पर जोर दे। पोशाना चेक प्वाइंट पर बेहतर प्रबंधन करके वाहनों की जांच में तेजी लाई जाए। एनएचएआई को कैफटेरिया मोड़ और मेहाड़ से मलबा हटाने, बनिहाल और रामबन के बीच एनएच पर गड्ढे वाले हिस्से पर तारकोल डालने, टी-5 टनल को पूरा करने को कहा गया। एनएच-44 के कैफटेरिया मोड़-मेहाड़ खंड को स्थिर करने के लिए किए जाने वाले उपायों के लिए सीबीआरआई, रुड़की और आईआईटी जम्मू के संयुक्त अध्ययन दल की उपयुक्त सिफारिशें की जाएं।