जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू कश्मीर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रही हैं। इसके लिए जम्मू कश्मीर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेजबानी को बढ़ाया जा रहा है। इस साल जम्मू कश्मीर में 13 राष्ट्रीय खेल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर से 11000 खिलाड़ी शिरकत करेंगे। ऐसे आयोजनों से स्थानीय खिलाड़ियों को मजबूत और नया प्लेटफार्म दिया जा रहा है।
उपराज्यपाल मंगलवार को आईईएसटी, अवंतीपोरा में पहली जेएंडके चांसलर एथलेटिक मीट के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। शारीरिक शिक्षा और खेल निदेशालय की ओर से करवाई जा रही इस चैंपियनशिप में प्रदेश के आठ विश्वविद्यालयों से 80 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने एथलीटों को नया 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक समर्पित किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि इस तरह की इस पहली चैंपियनशिप में युवाओं को आगे बढ़ने के लिए नया मौका मिलेगा। खेल चरित्र निर्माण की कुंजी है। खेल से ही जीवन में ज्ञान, कौशल और प्रेरणा का निर्माण करने का एकमात्र तरीका है। एथलेटिक ट्रैक पर मिली सीख को कोई नहीं भूल सकता। खेलों के विकास के साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे के निर्माण, खेल गतिविधियों में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल करना, एथलीटों को हर आवश्यक सहायता प्रदान करने की दिशा में काम किया जा रहा है। युवाओं में आत्मगौरव और आत्मविश्वास पैदा करने के लिए माई यूथ माई प्राइड अभियान पूरे यूटी में लागू किया गया है। इस अभियान में लगभग 14 लाख युवाओं को 22 खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। इस साल रिकार्ड 35 लाख युवाओं को विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा करने और अपने कौशल को सुधारने का मौका मिलेगा। पिछले वित्त वर्ष में खेल के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 126 परियोजनाएं पूरी की गई हैं। जम्मू कश्मीर के दूरदराज के इलाकों में इंडोर स्टेडियम की सुविधा विकसित की गई है। जम्मू कश्मीर का खेल बजट विकसित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अधिक है।