जम्मू। कम स्टांप ड्यूटी वसूलने के आरोप में बर्खास्त किए गए न्यायिक अधिकारी जावेद अहमद नाइक की बर्खास्तगी बरकरार रहेगी। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश पंकज मित्थल और न्यायाधीश संजीव कुमार की खंडपीठ ने जावेद की याचिका पर सुनवाई की। नाइक 2013 में पुलवामा मुंसिफ के तौर पर कार्यरत थे, जिन्हें तत्कालीन राज्यपाल ने हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश को नाइक ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
पूर्ण न्यायालय की सिफारिशों पर राज्यपाल द्वारा आक्षेपित आदेश पारित किया गया कि याचिकाकर्ता अपने सिद्ध कदाचार को देखते हुए न्यायिक सेवा में बने रहने के योग्य नहीं हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खंडपीठ ने महसूस किया कि अपीलकर्ता के पास इस आदेश को रद्द कराने के लिए कोई आधार नहीं है। लिहाजा पूर्व का आदेश बरकरार रहेगा।
एडीएस कोर्स के लिए दाखिल करने का आदेश
जम्मू। उच्च न्यायालय ने बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन को आदेश दिया है कि एमडीएस कोर्स के लिए अब्दुल भट्ट को वर्ष 2022 के लिए दाखिला दिया जाए। साथ ही उसको 5 लाख रुपये का मुआवजा भी मिले। मंगलवार को अपीलकर्ता की अर्जी पर न्यायाधीश संजीव कुमार ने सुनवाई की।
दूसरी पुण्यतिथि पर याद किए गए पूर्व बार अध्यक्ष सलाथिया
जम्मू। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जम्मू के पूर्व प्रधान बीएस सलाथिया को मंगलवार को वकीलों ने दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। 27 जून 2020 को सलाथिया का निधन हो गया था। न्यायाधीश विनोद कुमार गुप्ता मेमोरियल बार हॉल में इसे लेकर एक शोक सभा आयोजित की गई। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता और जम्मू बार के पूर्व अध्यक्ष एवी गुप्ता, वीआर वजीर, एलके शर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता), वीबी गुप्ता, पूर्व सीनियर एएजी एचए सिद्दीकी, पूर्व विधायक अशोक शर्मा, एचसी जलमेरिया, केएल पंडिता, राजेश कोतवाल, निर्मल कोतवाल, विनोद कोतवाल, रघु मेहता, एमए भट, इरफान खान, अहतशाम भट, एनडी काजी, अनिल जॉन, सुप्रिया चौहान, शम्स दिन शाज, फैज-उल-आरिफ, शेख नजीब, अरविंद बंदराल शामिल रहे।