अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर एलओसी व एलएसी तक जवानों व नागरिकों ने योग कर पूरी दुनिया को निरोग रहने के लिए योग अपनाने का संदेश दिया। तीन केंद्रीय मंत्रियों और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने योग सत्र में भाग लिया। लद्दाख में सियाचिन, पैंगोंग झील ओर सिंधु नदी के किनारे भी जवानों व आम लोगों ने आसन लगाए।
जम्मू-कश्मीर में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चिह्नित 75 में से तीन प्रतिष्ठित स्थलों सुचेतगढ़ स्थित अंतरराष्ट्रीय भारत-पाक सीमा ऑक्ट्राय पोस्ट, मार्तंड सूर्य मंदिर अनंतनाग और एसकेआईसीसी श्रीनगर के साथ प्रदेश भर में प्रशासनिक, सामाजिक, राजनीतिक तंत्र योग सत्र में शामिल हुआ। आयुष निदेशालय और अन्य विभागों के सहयोग से करवाए गए योग सत्रों में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल के साथ सैकड़ों लोगों ने डल झील में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में शिरकत की। ऑक्ट्राय पोस्ट पर योग सत्र में पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। अनंतनाग के मार्तंड सूर्य मंदिर में केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार मौजूद रहे।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सेना के 1.75 लाख जवानों ने शिरकत की। जवानों के 75 हजार परिवार भी इस योग के पर्व में शामिल हुए। राजोरी-पुंछ की एलओसी से लेकर लद्दाख की एलएसी तक जवान योग करते नजर आए। यहां तक कि लद्दाख के 15 हजार फुट की ऊंचाई वाली बर्फीली चोटियों पर भी जवानों ने योग किया। सेना की उत्तरी कमान के जीओसी उपेंद्र द्विवेदी की अगुवाई में यह आयोजन हुआ। ऊंचाई वाले पूर्वी लद्दाख में योग करने वाले सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने मानसिक तनाव और थकान से निपटने के लिए अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों और कठोर जलवायु परिस्थितियों में योग आसनों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए सैनिकों की सराहना की। वह चार दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। बता दें कि पहली बार पिछले 60 दिन से सेना की ओर से योग को लेकर एक अभियान चलाया गया है। सेना की ओर से लद्दाख के सियाचिन बेस कैंप, पुंछ के पीर की गली में भी आयोजन किया गया।