जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि स्टार्ट अप वास्तव में आर्थिक विकास के लिए एक गेम चेंजर है। जम्मू कश्मीर में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जा रहा है। औद्योगिक और शैक्षणिक प्रतिष्ठानों के बीच तालमेल युवाओं को प्रोत्साहित और सशक्त बनाएगा। इससे स्टार्ट अप में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। सभी हितधारक युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और रोजगार सृजन की दिशा में नवीन उत्पादों की स्थितरता, उद्योग नवाचार समूहों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें। उपराज्यपाल बुधवार को इस्लामिक यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी (आईयूएसटी), अवंतीपुरा में राष्ट्रीय अकादमिक-औद्योगिक सम्मेलन में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में कई बुनियादी सुविधाओं का उद्घाटन किया। इसमें सेंटर फार इनोवेशन एंड एंटरप्रेयोरशिप डेवलपमेंट (सीआईईडी) फूड टेक्नोलाजी ब्लाक, एसएसएम मेमोरियल कालेज आफ नर्सिंग एंड मेडिकल टेक्नोलाजी और फूड टेस्टिंग लैब शामिल हैं। उपराज्यपाल ने कहा कि यह सम्मेलन शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटने का काम करेगा। हितधारकों के सहयोग से जम्मू कश्मीर में नवाचार के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने में मदद मिलेगी। एक मजबूत अकादमिक-उद्योग सहयोग निजी और सार्वजनिक क्षेत्र में एक सार्थक बदलाव लाएगा। इसके साथ नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा। आईईसी के नए माडल पर काम करेगा। सरकार शानदार विचारों और समाधानों के लिए इनक्यूबेशन और सीड फंडिंग सहायता प्रदान करने के लिए दृढञ है। भारत के स्टार्ट अप वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना रहेहैं। भारत अब अमेरिका और चीन के बाद इस दिशा में तीसरे स्थान पर है। हमने लालफीताशाही को रेड कार्पेट में बदल दिया है। नए सेंटर फार इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट में महिला उद्यमियों पर मुख्य ध्यान देने के साथ युवाओं में नवाचार, उद्यमिता को बढ़ावा देगा। जम्मू कश्मीर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (जेकेसीसीई) के लिए आयु सीमा छूट पर उपराज्यपाल ने कहा कि सरकार विशेषकर युवाओं की जरूरतों और आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है। उपराज्यपाल ने नवोन्मेषकों के साथ बातचीत के साथ स्टार्टअप्स को स्वीकृति पत्र सौंपे। आईयूएसटी के न्यूजलेटर का विमोचन भी किया गया। इस दौरान सीआईईडी स्टार्ट अप नवाचारों पर एख वृत्तचित्र प्रदर्शित किया गया। समारोहमें सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डा. अरुण कुमार मेहता, कुलपति प्रो. तलत अहमद, कुलपति प्रो. शकील अहमद रामशू आदि मौजूद रहे।