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फारूक के विवादित भाषण पर सरकार को अंतिम अवसर

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जम्मू। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के आजादी वाले भाषण को लेकर हाईकोर्ट ने श्रीनगर के डीसी को रिपोर्ट पेश करने का अंतिम अवसर दिया है। तीन हफ्तों के भीतर हलफनामे में यह रिपोर्ट पेश की जाएगी। न्यायाधीश सिंधु शर्मा ने सोमवार को इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इससे पहले हाईकोर्ट ने 10 फरवरी और 24 मार्च 2022 को भी आदेश दिया था। इसमें स्थिति रिपोर्ट के जवाब में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
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बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजुरिया ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसमें मांग की गई थी कि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर कार्रवाई की जाए। आरोप है कि फारूक ने 24 फरवरी 2017 को शेख अब्दुल्ला के 111वें जन्म दिवस और पार्टी के महासचिव शेख नजीर की दूसरी बरसी पर आजादी को लेकर भाषण दिया था। सोमवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो सरकारी वकील ने इसे लेकर रिपोर्ट पेश करने का वक्त मांगा। इस पर कोर्ट ने तीन हफ्तों का समय दिया और जवाब पेश करने को कहा। 22 अप्रैल को फिर से इस मामले पर सुनवाई की जाएगी।
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जेकेसीए के संविधान को अंतिम रूप देने में लंबित रिट याचिकाएं आड़े नहीं आएंगी
जम्मू। हाईकोर्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के संविधान को अंतिम रूप देने और परामर्श से एक नए निकाय का चुनाव करने के लिए लंबित रिट याचिकाएं बीसीसीआई के रास्ते में नहीं आएंगी। सोमवार को न्यायाधीश अली मोहम्मद मागरे और पुनित गुप्ता की खंडपीठ ने इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने महसूस किया कि इन रिट याचिकाओं का विषय तत्कालीन लोकपाल, जेकेसीए के फैसले को चुनौती देने के संदर्भ में है, जो कि न्यायालय द्वारा उक्त समय पर नियुक्त किया गया था। 2021 में न्यायालय ने बीसीसीआई को जेकेसीए को चलाने का आदेश दिया था। तब कई आदेश पारित कर इसे लेकर दायर याचिकाओं को निपटाया गया था। लिहाजा बीसीसीआई को जेकेसीए के संविधान को अंतिम रूप देन में यह याचिकाएं कहीं आड़े नहीं आएंगी।
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बकरा हत्याकांड के आरोपी
मोहन चीर पर पीएसए हटा
जम्मू। बहुचर्चित बकरा हत्याकांड में शामिल कुख्यात अपराधी राजेश डोगरा उर्फ मोहन चीर पर लगे पीएसए को हटा लिया गया है। उच्च न्यायालय ने मोहन को उक्त हत्याकांड में जमानत दी थी। न्यायाधीश एमए चौधरी ने याचिकाकर्ता के वकील असीम साहनी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तैयार किया गया डोजियर संदेहवाला है। हिरासत में लेने का जो आधार बनाया गया है, जो तथ्य और सबूत पेश किए गए हैं, उनमें पुलिस ने अपना दिमाग नहीं लगाया है। लिहाजा अपील को मंजूर किया जा रहा है और मोहन चीर पर लगा पीएसए हटाया जा रहा है। पिछले साल जिला उपायुक्त की ओर से मोहन चीर पर लगा पीएसए हटा लिया गया था। लिहाजा उसे रिहा किया जाए।
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हेलिकॉप्टर टिकट धोखाधड़ी में चारों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। माता वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर टिकट घोटाला मामले में आरोपियों की जमानत अर्जी को सीजेएम जम्मू ने खारिज कर दिया। जम्मू की साइबर पुलिस ने राजस्थान के रहने वाले सुनील चावला, दीपक, गजानंद और मोनू को गिरफ्तार किया था। सीजेएम अमरजीत सिंह ने सोमवार को चारों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई की।
पुलिस मामले के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जम्मू को 11 फरवरी 2022 को को-ऑर्डीनेटर जेएंडके ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प लिमिटेड से एक लिखित शिकायत मिली, जिसमें कहा गया है कि कंपनी को सोशल मीडिया न्यूज पोर्टल से पता चला कि कुछ अज्ञात लोग हेलिकॉप्टर सेवा के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं। खुद को ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प लिमिटेड के प्रतिनिधि के रूप में पेश करके नकली हेलिकॉप्टर टिकट की पेशकश करके लूट रहे हैं। कंपनी की तरफ से इसकी अन्य जानकारियां भी सांझा की गई। जांच में पता चला कि यह लोग किस तरह से ठगी करते थे। सीजेएम ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि अभी इस मामले की जांच प्रांरभिक दौर में है। ऐसे में जमानत देने से इस मामले की जांच बाधित हो सकती है। लिहाजा अभी इन आरोपियों को जमानत नहीं दी जा सकती।
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