जम्मू। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने उन्हें मना लिया। मंडलायुक्त जम्मू के कार्यालय में मंगलवार देर रात तक सरकार और ट्रांसपोर्ट यूनियन के बीच तीन दौर की मैराथन बैठक चली। इसमें यूनियन की पांच मुख्य मांगों में से चार पर सहमति जताई गई है। इसके बाद यूनियन ने हड़ताल वापस ले ली। बुधवार को मेटाडोर, निजी बसें और ऑटो रोजाना की तरह सड़कों पर दौड़े। इससे यात्रियों ने भी राहत की सांस ली और समय पर अपने गंतव्य पर पहुंचे।
ऑल जेएंडके ट्रांसपोर्टर वेलफेयर यूनियन के प्रधान विजय सिंह चिब ने कहा कि मांगों को लेकर सरकार के साथ हुए समझौते के बाद हड़ताल को वापस लिया गया है। तीन दौर की बैठक के बाद चार मांगों को मान लिया गया है, जबकि जम्मू-श्रीनगर शहर से 20 साल से अधिक पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की मांग पर सरकार ने एक समिति गठित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि चार स्वीकृत मांगों को पूरा करने के लिए मंडलायुक्त को चार दिन का समय दिया है। सरकार के साथ बैठक काफी अच्छे माहौल में हुई और हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसके अच्छे परिणाम भी देखने को मिलेंगे। चिब ने कहा कि हमारी लड़ाई अपने हक के लिए है। आम लोगों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए हमने सरकार के साथ कई दौर की बैठक कर समस्या का हल निकाला।
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इन मांगों पर बनी सहमती
विजय सिंह चिब ने कहा कि सरकार ने व्यावसायिक वाहनों में फिलहाल व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस (वीटीडी) नहीं लगाने का फैसला लिया है और बिना वीटीडी के भी वाहनों की फिटनेस रिन्यू होगी। इसके साथ वाहन मालिकों से बकाया यात्री कर की वसूली किश्तों में लिए जाने पर भी सहमति बनी है। जम्मू-श्रीनगर शहरों से 20 साल से अधिक पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की मांग पर सरकार ने एक समिति का गठन करने की बात कही है। इसके साथ ही ऑटो चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े मुद्दों को हल करने पर भी सहमती बनी है।
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कोट
कोविड में परिवहन सेक्टर काफी बुरे दौर से गुजरा है। आम लोगों और ट्रांसपोर्टरों को परेशानी न हो इसके लिए एक प्रस्तावित फार्मूले पर परस्पर सहमती बनी है। उन्होंने कहा कि यात्री वाहन जरूरी सेवाओं में आते हैं और इस समय पर्यटन सीजन भी चल रहा है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल आम लोगों और पर्यटकों के लिए दिक्कते पैदा करती।
-राघव लंगर, मंडलायुक्त जम्मू संभाग