जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में फलदार पौधों और सब्जियों की उपलब्धता के लिए पोषण वाटिका विकसित होंगी। स्कूल में जगह न होने पर पंचायत स्तर पर भूमि चिह्नित कर पोषण वाटिका बनाई जाएगी। इसके अलावा मार्च माह में ही सभी स्कूली बच्चों को डिजिटल हेल्थ कार्ड दिया जाएगा। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) की प्रदेश स्तरीय संचालन-सह-निगरानी समिति की बैठक में आगामी वित्त वर्ष के लिए 9.31 लाख बच्चों के लिए 2363.92 मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरण को मंजूरी दी गई।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अभी तक 12.7 लाख विद्यार्थियों को डिजिटल हेल्थ कार्ड दिए जा चुके हैं। इस कार्ड पर बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी विभाग के पास होगी, जिससे भविष्य में बच्चों के लिए कार्य योजना बनाई जाएगी। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि एक माह के भीतर सभी बच्चों को डिजिटल हेल्थ कार्ड वितरित करने का काम पूरा किया जाए।
स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए अक्षय पात्र एनजीओ से समझौता हुआ है। एनजीओ पायलट आधार पर जम्मू और सांबा शहरों की नगरपालिका सीमा में 15,081 छात्रों को पका हुआ गर्म भोजन प्रदान करेगी। डॉ. मेहता ने विभाग को एक अप्रैल तक रीयल-टाइम और जीपीएस-आधारित जानकारी प्रदान करने के लिए पोषण निगरानी मोबाइल एप को लांच करने का निर्देश दिया। स्कूलों में रसोई निर्माण हो रही देरी के लिए विभाग को तीन दिनों के भीतर वित्त विभाग के समक्ष बात रखने को कहा।