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कश्मीरी पंडित न्याय के लिए सड़कों पर उतरे, कश्मीर फाइल्स को लेकर सियासत भी गर्माई

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जम्मू। द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर प्रदेश में जहां सियासत गर्मा गई है, वहीं न्याय की मांग को लेकर कश्मीरी पंडित भी सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में जो दिखाया गया है, वह हकीकत है। राजनेता नहीं चाहते कि उनकी घर वापसी हो। इसके अलावा फिल्म के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राइजिंग एथलीट जगती की ओर से बाइक रैली भी आयोजित की गई।
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जगती में रविवार को द कश्मीर फाइल्स फिल्म के समर्थन में कश्मीरी पंडितों ने प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन किया। कश्मीरी पंडितों ने कहा कि फिल्म में कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अत्याचार का सच दिखाया गया है। कश्मीरी पंडितों के पलायन में स्थानीय बहुसंख्यक समुदाय की भूमिका रही है। आज भी कश्मीर में हमारे धार्मिक स्थलों और घरों को तोड़ा जा रहा है। हमारी संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया है। कश्मीरी पंडित अंजिल रैना ने कहा कि 32 साल के बाद हमारी सच्चाई को सामने लाया गया। राजनीतिक दल नहीं चाहते कि कश्मीर पंडितों की घर वापसी हो।
11 मार्च को देश भर में रिलीज हुई द कश्मीर फाइल्स फिल्म की देश भर में चर्चा है। देश सहित जम्मू-कश्मीर में फिल्म को दर्शकों का समर्थन मिल रहा है। फिल्म के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए राइजिंग एथलीट जगती की ओर से रविवार को बाइक रैली आयोजित की गई। हाथों में तिरंगे झंडे लिए रैली जगती से निकली और शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होती हुई वापस लौटी। इस दौरान लोगों को फिल्म को देखने के लिए जागरूक किया गया ताकि कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार के बारे में सभी को पता चल सके।
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राइजिंग एथलीट जगती के अध्यक्ष साहिल पंडिता ने कहा कि रैली निकालने का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की हकीकत से रूबरू हो सकें। बाइक रैली में काफी संख्या में युवा शामिल थे। युवाओं ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय को आज पूरा देश देख रहा है। सरकारों ने कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय को हमेशा छुपाया है। फिल्म ने हमारे दर्द को आवाज दी है, जिसे आज पूरा देश सुन रहा है।
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