जम्मू। केंद्रीय बजट पर उद्योगपतियों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बजट को संतुलित बताया है। इसमें लगभग सभी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, लेकिन व्यापारी वर्ग को नजरअंदाज करने पर मायूसी भी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी जम्मू-कश्मीर के बजट में प्रदेश की सभी प्रमुख मांगों पर गौर किया जाए।
फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने कहा कि नई गतिशक्ति परियोजना लाई गई है। चार लाजिस्टिक पार्क बनाए जाने हैं, जिसमें एक पार्क को जम्मू-कश्मीर में स्थापित किया जाए। यहां नया निवेश लाया जा रहा है। सड़क संपर्क को गति मिलेगी। नया उद्योग सामग्री बनाकर बाहर भेजेगा। बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राशि दी जा रही है, उम्मीद है कि औद्योगिक प्रदेश के रूप में विकसित हो रहे जम्मू कश्मीर के लिए भी यह राशि लाई जाए। एमएसएमई क्षेत्र में क्रेडिट योजना में राशि को बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर बजट उद्योग मैत्री है।
चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अरुण गुप्ता ने बजट को ओवरआल संतुलित बजट बताया है। इसमें शिक्षा, कृषि, रक्षा, सड़क संपर्क, आवास, पेयजल आदि क्षेत्र को ध्यान में रखा गया है। लेकिन व्यापारी वर्ग को नजरअंदाज किया गया है। उन्हें कोई प्रोत्साहन नहीं दिया गया है। जम्मू में कोई पीएसयू इकाई खोलने की घोषणा नहीं की गई। इससे बंद पड़ी इकाइयों को गति नहीं मिल पाएगी। आईटीआर में सुधार का प्रावधान ठीक है। उम्मीद है कि आगामी जम्मू कश्मीर के बजट में इन सभी मांगों पर गौर किया जाए।
चैंबर आफ टरेडर्स फेडरेशन के प्रधान नीरज आनंद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के परिपेक्ष में बजट में कारोबारियों को निराशा मिली है। कोविड महामारी के दौरान खासतौर पर प्रभावित टूर एंड ट्रैवल, होटल उद्योग, ट्रांसपोर्ट के लिए कुछ नहीं मिला है, लेकिन कोई नया कर न आने से राहत भी है। देश के बुनियादी ढांचे का ख्याल रखा गया है। इससे अर्थव्यवस्था ठीक होगी। उम्मीद है कि आगामी जम्मू-कश्मीर के बजट में प्रदेश और लद्दाख को ध्यान में रखा जाए। जीएसटी में रिकॉर्ड वसूली से साफ है कि कारोबारी सरकार का पूरा समर्थन कर रहे हैं। हमारी राष्ट्रीय बाडी ने बजट को संतुलित बताया है।