Delimitation Commission meeting (FILE)
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जम्मू कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के कार्य के अंतिम चरण के तहत परिसीमन आयोग फरवरी महीने में अपनी अंतरिम रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगा। करीब 15 दिनों का समय लोगों को आपत्तियां व सुुझाव देने के लिए दिया जा सकता है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रदेश के सांसदों के साथ बैठक के बाद परिसीमन आयोग अब अंतरिम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
फरवरी के पहले सप्ताह में रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जा सकता है
फरवरी के पहले सप्ताह में रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जा सकता है। 31 मार्च 2022 से पहले आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी करनी है। ऐसे में नियमों के तहत अंतरिम रिपोर्ट पर लोगों से आपत्ति व सुझाव लेने के लिए कम से कम पंद्रह दिन का समय दिया जाएगा।
छह सीटें जम्मू संभाग व एक सीट कश्मीर संभाग में बढ़ाने का प्रस्ताव
सुझाव व आपत्तियों पर गौर करने के बाद आयोग अंतिम रिपोर्ट जारी करेगा। उल्लेखनीय है कि जस्टिस रिटायर्ड रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में परिसीमन आयोग ने जम्मू कश्मीर में बढ़ाई जाने वाली सात विधानसभा सीटों में से छह सीटें जम्मू संभाग व एक सीट कश्मीर संभाग में बढ़ाने का प्रस्ताव प्रदेश के सांसदों के समक्ष रखा था।
जम्मू संभाग में विधानसभा सीटों की संख्या 37 से बढ़कर 43 की जाएगी
इस प्रस्ताव पर भाजपा के दो सांसदों ने कुछ सुझावों के साथ सहमती जताई है, जबकि नेकां के तीन सांसदों ने प्रस्ताव पर नाराजगी जताई है। परिसीमन आयोग के प्रस्ताव के तहत जम्मू संभाग में विधानसभा सीटों की संख्या 37 से बढ़कर 43 की जाएगी, जबकि कश्मीर संभाग में एक सीट बढ़ने से विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर 47 हो जाएगी।
अनुसूचित जनजाति के लिए प्रदेश में पहली बार विधानसभा की नौ सीटे आरक्षित
जम्मू संभाग में किश्तवाड़, सांबा, कठुआ, डोडा, राजोरी और रियासी में एक, एक विधानसभा सीट बढ़ाना प्रस्तावित है, जबकि कश्मीर संभाग में कुपवाड़ा जिले में एक सीट बढ़ाई जाएगी। परिसीमन आयोग के एक ओर अहम प्रस्ताव के तहत अनुसूचित जनजाति के लिए प्रदेश में पहली बार विधानसभा की नौ सीटे आरक्षित होंगी। वहीं अनुसूचित जाति के लिए पहले की तरह सात सीटें आरक्षित रहेंगी।