भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के कोविड जांच परीक्षण को लेकर नए दिशा निर्देशों से आगामी दिनों में जम्मू-कश्मीर में आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण गाइडलाइन में बदलाव की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जल्द उच्च स्तरीय बैठक में फैसला लिया जाएगा।
वर्तमान में प्रदेश में चौबीस घंटे में 50 से 60 हजार कोविड परीक्षण किए जा रहे हैं, जिसमें 33 फीसदी आरटी-पीसीआर परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके साथ संक्रमित खासतौर पर विदेशी यात्रियों के नमूने जिनोम सिक्वेंसिंग जांच के लिए दिल्ली एनसीडीसी (नेशनल सेंटर फार डिजीज कंट्रोल) में भेजे जा रहे हैं।
गत अक्तूबर के बीच संक्रमण मामलों में राहत के चलते कोविड परीक्षण 35 से 40 हजार के बीच पहुंच गया था, लेकिन नवंबर में संक्रमण में धीरे-धीरे बढ़ोतरी को देखते हुए कोविड परीक्षण को 50 से 60 हजार तक ले जाया गया। हालांकि नए साल में अब तक संक्रमण में दोगुनी रफ्तार से उछाल आया है।
गत 21 दिसंबर को चौबीस घंटे में किए गए 46173 कोविड परीक्षण में सिर्फ 1327 सक्रिय मामले थे, जबकि इतने ही परीक्षण में गत दिवस यह आंकड़ा 4 हजार से ऊपर चला गया। प्रदेश में प्रतिदिन 600-700 के बीच संक्रमित मामले मिल रहे हैं।
आईसीएमआर की नई गाइडलाइन में अब जोखिम वर्ग को ही आरटी पीसीआर कोविड परीक्षण को तवज्जो दी जाएगी। इससे पहले सभी तरह के संदिग्ध मामलों में भी आरटी-पीसीआर कोविड परीक्षण किया जा रहा है।
14078 को एहतियाती खुराक
कोविड की तीसरी लहर के बीच जम्मू कश्मीर में टीकाकरण अभियान में तेजी लाई गई है। मंगलवार को प्रदेश में 14078 लोगों को एहतियाती कोविड खुराक दी गई। इसमें चिकित्सा कर्मी, फ्रंट लाइन कर्मी और 60 साल से अधिक आयु वर्ग वाले लोग शामिल हैं। जिला जम्मू में सर्वाधिक 3051 लोगों को खुराक मिली।
इसी तरह उधमपुर में 1214, राजोरी में 565, कठुआ में 510, पुंछ में 265, रामबन में 388, डोडा में 816, किश्तवाड़ में 114, रियासी में 282 और सांबा में 511 लोगों को खुराक दी गई। इसी तरह 42711 किशोरों को कोविड टीके की पहली खुराक दी गई। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि कोविड उपयुक्त व्यवहार को अपनाकर ही तीसरी लहर से बचा जा सकता है।