जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की मंजूरी के बाद जम्मू-कश्मीर में इमरजेंसी कोविड रिस्पांस पैकेज (ईसीआरपी) के तहत लगाए गए करीब 1600 एनएचएम कर्मचारियों का तीन माह का सेवा विस्तार किया गया है। उपराज्यपाल के निर्देश पर यह दूसरी बार सेवा विस्तार हुआ है, लेकिन कर्मचारी एनएचएम नीति के तहत उनकी अस्थायी तौर पर नियमित सेवाएं लेने की मांग पर अड़े हैं। बारिश के बीच भी शनिवार को एनएचएम कर्मियों ने जीएमसी के बाहर धरना प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने कोविड पीपी किट पहनकर विरोध दर्ज करवाया।
पिछले एक हफ्ते से अधिक समय से कर्मी दिन रात जीएमसी के बाहर धरने पर डटे हुए हैं। इस दौरान कई बार पुलिस कर्मियों ने उन्हें वहां से उठाने की कोशिश की, मगर वे अपनी मांग पर अड़े हैं। कर्मियों का कहना है कि उनके लिए तीन माह का सेवा विस्तार नाकाफी है। सरकार को एनएचएम नीति के तहत उनकी भविष्य में सेवाएं जारी रखनी चाहिए। जम्मू-कश्मीर में कोविड की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में कोविड रोगी देखभाल प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए एनएचएम कर्मी अहम योगदान देते रहे हैं। कोविड के दौरान एनएचएम कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं हैं।