जम्मू। प्रदेश प्रशासन ने भ्रष्टाचार मामलों को गंभीरता से लेते हुए दो सरकारी कर्मियों को समय से पूर्व सेवानिवृत्त कर दिया है। ये दोनों कर्मचारी संबंधित विभागों में भ्रष्टाचार मामलों में सलिप्त होने के कारण निलंबित चल रहे थे। समय से पूर्व सेवानिवृत्त किए गए कर्मियों में कोआपरेटिव सोसायटी जम्मू कश्मीर के तत्कालीन उप रजिस्ट्रार आशिक और मोटर गैराज विभाग में ग्रेड 1 का वाहन चालक शौकत अहमद शामिल हैं। प्रशासन ने यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर सिविल सर्विस रेगुलेशन के नियम 226 के उपनियम दो के तहत की है।
प्रदेश में लागू नए कानूनों के तहत अब सरकार ऐसे किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मी, जिसकी सेवाओं से वह असंतुष्ट हो, को उसके सेवाकाल के 22 वर्ष पूरे होने या उसकी आयु 48 वर्ष होने पर जनहित में सेवानिवृत्त कर सकती है। प्रदेश सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों से अपने अधीनस्थ ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं, जो अक्षम, लापरवाह और भ्रष्ट हैं। अब तक करीब तीन दर्जन सरकारी अधिकारियों और कर्मियों को सेवा मुक्त किया जा चुका है। इसके अलावा राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल करीब डेढ़ दर्जन सरकारी अधिकारियों और कर्मियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।