जम्मू। उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश में 50 नए कॉलेज स्थापित करने की कवायद पर काम कर रहा है। 50 नए डिग्री कॉलेज स्थापित होने से जम्मू-कश्मीर में उच्च शिक्षा संस्थानों की संख्या 142 तक पहुंच जाएंगी। बात बात मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षत में बुधवार को उच्च शिक्षा विभाग बैठक में कही गई। बैठक में मुख्य सचिव ने विभाग के कामकाज की समीक्षा की।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत, विभाग शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सुधार कर रहा है। इसमें बहु-विषयक अध्ययन, कौशल-आधारित पाठ्यक्रम और भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर पाठ्यक्रम शामिल हैं। आईआईटी जम्मू, आईआईएम जम्मू और एम्स जम्मू जैसे तकनीकी शिक्षण संस्थानों के साथ प्रदेश के अन्य शिक्षण संस्थानों ने छात्रों को एकीकृत पाठ्यक्रम प्रदान करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस दौरान कहा कि जम्मू-कश्मीर के सरकारी डिग्री कॉलेजों को शैक्षणिक बैंक ऋण सुविधा और नैक मान्यता के साथ चरणबद्ध तरीके से श्रेणीबद्ध स्वायत्तता दी जाएगी।
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हब-स्पोक मॉडल के तहत विभाग ने 14 कॉलेजों का चयन किया है। इन कॉलेजों में कृषि प्रौद्योगिकी, बागवानी प्रौद्योगिकी, पशु चिकित्सा प्रौद्योगिकी, भोजन, विज्ञान जैसे कई कार्यक्षेत्रों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने के अलावा, आविष्कार, नवाचार, ऊष्मायन और प्रशिक्षण केंद्र (सीआईआईआईटी) की स्थापना की जाएगी। विभाग दूरदराज क्षत्र में लड़कियों के लिए हॉस्टल सुविधा बढ़ाएगा ताकि कॉलेजों में नामांकन को बढ़ाया जा सके। इस दौरान उन्होंने विभाग से सरकारी डिग्री कॉलेजों को अकादमिक स्वायत्तता प्रदान करने और अगले पांच वर्षों में नैक मान्यता प्राप्त करने के लिए समयसीमा तय करने का आग्रह किया।