जम्मू। प्रदेश में आतंकवाद पर नियंत्रण, नशा तस्करी, देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्ती से कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों की जांच के लिए तेजी लाने पर जोर दिया गया है। बुधवार को डीजीपी दिलबाग सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में पुलिस थाना स्तर पर कर्मियों के स्थानांतरण और परिवर्तन पर जोर दिया ताकि काम करने में दक्षता सुनिश्चित हो सके। आपराधिक मामलों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण पर बल देते हुए डीजीपी ने निर्देश दिया कि न्यायालयों में प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मियों को अपने कार्य की रिपोर्ट प्रतिदिन नियंत्रक अधिकारियों/कार्यालयों को देनी चाहिए।
नार्को मामलों से निपटने में कर्मियों की क्षमता में सुधार के उपायों को बढ़ाने के निर्देश दिए। गहन दस्तावेजीकरण और जांच की तकनीक को पूरा करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नार्को मामलों में और अधिक सजा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय और पहले से जारी एसओपी का पालन किया जाना चाहिए। ताकि इसमें शामिल आरोपी आसानी से कोर्ट से न छूटे। खासकर गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को सजा दिलान में जांच की तकनीक मजबूत करने पर जोर दिया।
यूएपीए मामलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे
यूएपीए मामलों के संबंध में डीजीपी ने दोषियों की सजा सुनिश्चित करने के लिए जांच की गुणवत्ता और तकनीकों में सुधार करने पर जोर दिया। नोडल अधिकारियों को नामित करने का निर्देश दिया जो यूएपीए मामलों की आवश्यक प्रक्रिया का पालन करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मामलों को निर्धारित अवधि के भीतर न्यायिक निर्धारण के लिए पेश किया जाए।
उन्होंने मानव खुफिया संसाधनों में सुधार करने के निर्देश दिए ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकी समूह को अपने ठिकाने स्थापित करने के लिए कोई जगह न मिले। किसी भी संभावित आतंकी गतिविधि को विफल करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया और समयबद्ध कार्रवाई पर जोर दिया।